मेरठ में बड़ी कार्रवाई: फैज-ए-आम में फर्जी तरीके से की गई नियुक्तियों को निरस्त करने का आदेश
फैज-ए-आम में फर्जी तरीके से की गई नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी द्वारा की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। गिरजेश चौधरी ने फैज-ए-आम में फर्जी तरीके से की गई नियुक्तियों को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
ये है मामला
फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति विवाद पर जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बड़ा निर्णय ले लिया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने फैज-ए-आम में नौ शिक्षकों की नियुक्तियों को गलत मानते हुए निरस्त कर दिया है। 14 जनवरी 2018 को 10 सहायक अध्यापकों के लिए फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में साक्षात्कार किए गए। लेकिन आचार संहिता के चलते नियुक्तियां टल गईं। कुछ दिन बाद शासन ने अल्पसंख्यक संस्थानों में परीक्षा द्वारा भर्ती के निर्देश जारी कर दिए। भर्ती की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी को दी गई।
वहीं शासन के इस निर्देश के बाद फैज-ए-आम में नियुक्ति नहीं हो पाई। इस मामले में साक्षात्कार में शामिल लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक को मामले में शिक्षकों की सुनवाई कर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। इसी बात का लाभ उठाते हुए दो साल से कालातीत हुई प्रबंध समिति ने 11 शिक्षकों को फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र थमा दिया और शिक्षकों को कॉलेज में तैनाती भी कर दी, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक व विभाग को खबर तक नहीं थी।
यह भी पढ़ें: चिल्लाते रहे मासूम: नहीं पसीजा विनोद का दिल, पत्नी की गर्दन पर किए ताबड़तोड़ वार, थाने जाकर बोला- पूनम को मारकर आया हूं...
ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी शिक्षकों की नियुक्ति संबंधित जांच के दौरान कागजात भी चेक किए, जिसमें नियुक्तियों को फर्जी मानते हुए निरस्त करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने माना कि फैज-ए-आम कॉलेज में कूटरचित ढंग से और फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति दर्शाई गई जो पूर्ण रूप से दोषपूर्ण प्रक्रिया है। यह नियम विरुद्ध, अवैध, अवैधानिक और गलत तथ्यों के आधार पर हुई है।
यह भी पढ़ें: मेरठ: बैठक के दौरान आपस में भिड़े बसपा नेता, जमकर मारपीट, एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप