जिन हाथों में आप रेत और सीमेंट का तसला देख रहे हैं, अगर इन हाथों में धनुष और बाण होता तो ये नई इबारत लिख रहे होते। असल में ये मजदूर नहीं राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज मनीषा गागट हैं। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई मेडल भी जीत चुकी हैं। इसके बाद भी उनके पास खुद का धनुष-बाण खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। घर के खराब आर्थिक हालात उन्हें मजदूरी के लिए मजबूर कर रहे हैं। परिवार भी उन पर तीरंदाजी छोड़ने का दबाव बना रहा है।
Meerut News: उधार के धनुष से अभ्यास कर बनी तीरंदाज, मजदूरी करा रहे हालात, पढ़िए ये खास रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 10 Oct 2020 06:01 PM IST
सार
- मजदूरी करने को मजबूर राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज मनीषा गागट
- स्टेट चैम्पियनशिप में अलग-अलग वर्ग में जीते थे नौ पदक
- स्टेडियम में कोच और साथियों की मदद से करती हैं अभ्यास
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन