थाने पर बैनर: पुलिस की कार्रवाई पर बड़ा सवाल, रिहा हुए भाजपा कार्यकर्ता, खूब वायरल हुआ था मामला
थाने पर बैनर लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। लेकिन आरोपी 12 घंटे में ही रिहा हो गए। अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
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मेरठ में मेडिकल थाने पर बैनर लगाने के मामले में सियायत गरमाईं तो प्रदेश भर में मामला गूंज गया। विधायक और मंत्रियों के फोन भी पुलिस अधिकारियों के पास खूब घनघनाए। विवादित बैनर लगाने वाले छह आरोपियों की गिरफ्तारी शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे हो गई थी, लेकिन शनिवार सुबह से ही सिफारिशों का दौर चल रहा था। नामजद छह आरोपियों को दोपहर में कोर्ट में पेश कर दिया गया। यहां से उनकी जमानत पर रिहाई हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते ऐसा हुआ है।
दरअसल, थाने के गेट पर विवादित बैनर लगने के बाद से मामला तूल पकड़ा था। रात में ही एसएसपी ने पुलिस की पांच टीम गठित की और फिर ताबड़तोड़ दबिश देने का काम शुरू कराया था। पुलिस ने शुक्रवार रात तीन बजे घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन्हें थाने से छुड़वाने के लिए पुलिस अधिकारियों से सिफारिशों का दौर चलता रहा।
पुलिस ने रातभर मेहनत कर पकड़े आरोपी
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि रातभर मेहनत करके आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 147, 352, 353, 505 और सात क्रिमनल एक्ट की धारा लगाई है। कोर्ट से आरोपियों को जमानत मिली है। इसके बारे में अब क्या कहना है।
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वहीं, सरकारी अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि न्यायालय ने सभी आरोपियों को अंतरिम जमानत पर छोड़े जाने के आदेश पारित कर दिए हैं। आरोपियों के अधिवक्ता अनुज शर्मा ने बताया है कि समय अभाव के कारण न्यायालय ने सभी आरोपियों को 25-25 हजार के निजी मुचलका पर छोड़े जाने के आदेश देते हुए अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 15 जून की तिथि नियत की है
ये थे बैनर लगाने वाले आरोपी
भाजपा कार्यकर्ताओं शंभू पहलवान, सागर पोसवाल, कुलदीप मसूरी, अंकुर चौधरी, अमित भड़ाना और अमर शर्मा ने थाने पर बैनर लगाया था। दरअसल, शास्त्रीनगर के एक पारिवारिक विवाद में एक पक्ष की ओर से शुक्रवार दोपहर भाजपा कार्यकर्ता मेडिकल थाने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हंगामा करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने थाने से भगा दिया। इस पर भाजपाइयों ने हंगामा करते हुए थाने में धरना-प्रदर्शन किया था। इसी दौरान भाजपाइयों ने मेडिकल थाने के गेट पर एक बैनर लगा दिया था। इस पर लिखा- मेडिकल थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं का आना मना है।
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यह मामला संज्ञान में आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी भी की थी। इसके बाद इस घटना पर सियासत तेज हो गई थी।