मुजफ्फरनगर शहर के दक्षिणी कृष्णापुरी निवासी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हवलदार अंकित चौधरी (30) असम के कोकराझार में नक्सली हमले में गोली लगने से शहीद हो गए। परिजनों का कहना है कि अधिकारियों ने गोली लगने की जानकारी दी थी। जिसके बाद जिलेभर में गम का माहौल बन गया। आज शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहादत: अंकित को गोली लगी है.., परिवार को संभालना, एक कॉल से घर में पसरा मातम, आंसू बहाते कटी परिजनों की रात
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पूर्व सभासद मुनेश देवी के बेटे अंकित चौधरी की शहादत के बाद गम का माहौल है। आंसू बहा रहे परिवार को हिम्मत बंधाने वालों का तांता लगा है। मृतक के भाई मोनू ने बताया कि गुरुवार रात करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर एसएसबी के अधिकारियों की कॉल आई थी। दूसरी तरफ से कहा गया कि अंकित को गोली लग गई है...। यह सुनते ही मोनू हक्का-बक्का रह गया। सवाल किया कब, कैसे...? लेकिन दूसरी तरफ से बस इतना कहा गया कि हिम्मत रखो और अपने परिवार को समझाने और संभालने का काम करो।
इससे ज्यादा अधिकारियों ने कुछ नहीं बताया। मोनू की आंखों से आंसू बहने लगे तो परिवार के अन्य सदस्य भी इकट्ठे हो गए। हकीकत पता चली तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिवार ने दोबारा कॉल कर घटना के विषय में जानना चाहा, लेकिन इसके अलावा कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
बेटे को खोने का गम, आंसू बहाते हुए कटी रात
एसएसबी की ओर से आई कॉल के बाद परिवार की रात आंसू बहाते हुए कटी। नजदीकि रिश्तेदार और परिचित भी रात में ही घर पर पहुंच गए थे। शुक्रवार को भी दिनभर रिश्तेदार आते-जाते रहे। शनिवार सुबह से ही लोगों का शहीद के आवास पर तांता लगा रहा।
पालिकाध्यक्ष और सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे
पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने पूर्व सभासद मुनेश देवी के आवास पर पहुंचकर गम जताया। अंकित चौधरी के पिता प्रमोद बालियान को हिम्मत बंधाई। सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार ने भी घर पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
मुकुंदपुर से आकर शहर में बस गया परिवार
दक्षिणी कृष्णापुरी निवासी प्रमोद बालियान मूल रूप से मुकुंदपुर गांव के रहने हैं। परिवार में पत्नी मुनेश देवी, बेटा मोनू, अंकित चौधरी और बेटी मोनिका है। अंकित की शादी सरधना क्षेत्र के गांव भलसोना की शिवानी से सात दिसंबर 2016 को हुई थी। परिवार में बेटी तन्वी और अन्वी हैं।