Meerut: महिला लिपिक के रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार होने के बाद मेडा में भारी फेरबदल, अब नहीं होंगे जोन प्रभारी
मेरठ विकास प्राधिकरण में महिला लिपिक के रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार होने के बाद से बड़ा फेरबदल किया गया है।
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मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) में महिला लिपिक के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने से विभाग की छवि धूमिल होने पर उपाध्यक्ष ने बड़ा बदलाव कर दिया है। अभी तक प्राधिकरण के 4 जोन के तहत शहर को बांटते हुए जोनल अधिकारी बनाए गए थे। इन सभी को हटाते हुए प्रवर्तन अधिकारी की तैनाती की गई है। 44 मेट प्रवर्तन अनुभाग से हटा दिए गए हैं। स्वच्छ छवि वाले केवल 12 मेट को ही फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभिषेक पांडेय ने फिर से उपाध्यक्ष का पद संभालने के साथ ही सख्ती कर दी है। सोमवार को प्राधिकरण के सभाकक्ष में उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि एंटी करप्शन शाखा द्वारा प्राधिकरण परिसर में महिला लिपिक अनीता शर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, जो दुखद है। इससे प्राधिकरण की छवि धूमिल हुई है ऐसे में संस्थान की गरिमा और आम जनमानस में संस्थान की छवि को सुदृढ़ करने के लिए कार्य पद्धति में बदलाव कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि संगठनात्मक परिवर्तन के तहत मानव संसाधन प्रबंधन, प्रक्रिया प्रवाह अभियांत्रिकी एवं मानकीकरण तथा तकनीकी क्षमता इन तीन बिंदुओं में बदलाव किया गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि 31 दिसंबर तक आम जनमानस के मस्तिष्क में शून्य भ्रष्टाचार संस्थान के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नामांतरण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। बिना कारण आवंटी को कार्यालय बुलाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में कोई कर्मचारी लिप्त पाया जाता है तो वह स्वयं उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
कार्यभार ग्रहण न करने पर होगी एफआईआर
उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने ऑफिशियल पत्र जारी करते हुए कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। हिदायत भी दी गई है कि यदि कोई कर्मचारी कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मेडा में प्रवर्तन अनुभाग, संपत्ति, अभियंत्रण, नियोजन, विधि, वित्त एवं लेखानुभाग, विविध और प्रौद्योगिकी अनुभाग हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रवर्तन और संपत्ति में कर्मचारियों की सबसे ज्यादा शिकायतें मिली थीं। इन विभागों के अधिकतर कर्मचारी हटाकर अन्य विभागों से स्वच्छ छवि वाले कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
मेडा में सोमवार से पांच दिवसीय जन शिकायत निस्तारण शिविर लगाया गया। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि शताब्दी नगर में कब्जा न मिलने और एयरपोर्ट एंक्लेव के समायोजन के कई मामले आए। उन्होंने बताया कि 5 दिन तक सभी अनुभाग के प्रभारी और वह स्वयं समस्याएं सुनेंगे। सचिव चंद्रपाल तिवारी, नगर नियोजक विजय कुमार सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता वीके सोनकर आदि मौजूद रहे।