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Meerut: आर्य वैदिक इंटर कॉलेज के मैनेजर की हत्या में पिता और दो बेटों को उम्रकैद, फावड़े से काटी थी गर्दन

Mon, 20 Apr 2026 10:58 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 20 Apr 2026 10:58 PM IST
सार

जमीन के विवाद को लेकर साल 2022 में कलंजरी गांव के इंद्रवीर सिंह की हत्या की गई थी। कोर्ट ने नौराज, उसके बेटों दीपक और ज्योति को सजा सुनाई है। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया है। 
 

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Meerut: Life imprisonment to father and two sons for the murder of manager of Arya Vedic Inter College
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

आर्य वैदिक इंटर कॉलेज के मैनेजर कलंजरी गांव के इंद्रवीर सिंह (58) की हत्या में दोषी नौराज, उसके दो बेटों दीपक और ज्योति उर्फ जुगेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जिला सत्र न्यायाधीश अतुल कुमार की अदालत ने तीनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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कलंजरी गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह ने 25 मार्च 2022 को जानी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ओमप्रकाश सिंह का कहना था कि उनके छोटे भाई इंद्रवीर सिंह गांव स्थित खेत से घर लौट रहे थे। तभी गांव के ही निवासी नौराज और उसके बेटे दीपक और ज्योति उर्फ जुगेंद्र ने उन्हें रोका। उन्होंने गाली-गलौज की तो इंद्रवीर सिंह ने विरोध किया। तभी आरोपियों ने फावड़े से कई वार कर उनकी गर्दन काटकर हत्या कर दी। 
 
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इंद्रवीर सिंह के बेटे अभिषेक और भतीजे विश्वास आरोपियों को पकड़ने के लिए दौड़े तो वह उन पर हमला कर आरोपी भाग गए। जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
 
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चश्मदीद गवाह विश्वास ने बताया कि उन्होंने इस केस की अपने पिता के साथ पैरवी की। आरोपियों के धमकी देने पर उन्हें पुलिस से सुरक्षा मिली हुई है। उनका कहना है कि गांव निवासी सुंदर का करीब चार साल पहले देहांत हो गया था। सुंदर की जमीन पर उसका सगा भाई नौराज कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। इस मामले को लेकर पंचायत में इंद्रवीर सिंह ने सुंदर की पत्नी ओमकली और बेटी कोमल का पक्ष रखकर उन्हें जमीन देने के लिए कहा। 
 

पंचायत के फैसले के बाद सुंदर की पत्नी ओमकली ने अपनी जमीन मेरठ निवासी मेघराज को बेच दी थी। इसी वजह से नौराज व अन्य आरोपी से इंद्रवीर सिंह से रंजिश मानने लगे थे। उन्होंने इसी रंजिश में वारदात की। डीजीसी ने बताया कि कोर्ट ने सोमवार को गवाहों के बयान, साक्ष्य और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद तीनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
 
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