दर्दनाक: 20 घंटे तक शवों से लिपटकर बिलखते रहे परिजन; फिर एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, मंजर देख रो पड़ा पूरा गांव
दर्दनाक मंजर : हादसे के बाद परिजन 20 घंटे तक शवों से लिपटकर बिलखते रहे। वहीं, अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद सभी छह मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। यह दर्दनाक मंजर देखकर पूरा गांव रो पड़ा।
विस्तार
मेरठ में राली चौहान गांव के छह कांवड़ियों की शनिवार रात 11 हजार केवी के करंट से मौत के बाद 20 घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान मोर्चरी पर ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
वहीं, रविवार दोपहर को छह शव एक साथ गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों की मांग नहीं माने जाने तक अंतिम संस्कार से मना कर दिया। डीएम और एसएसपी ने गांव पहुंचकर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया तो शाम को शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से पूरी घटना की रिपोर्ट मांग ली है। वहीं, पीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक चैत्रा वी. ने कहा कि हादसे की प्रारंभिक जांच में विभागीय अधिकारियों की गलती सामने नहीं आई है। मृतकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव निवासी 16 कांवड़िये बृहस्पतिवार को हरिद्वार से डाक कांवड़ लेने गए थे। शनिवार रात सवा आठ बजे कांवड लेकर गांव लौट रहे थे। गांव से एक किलोमीटर पहले 22 फीट ऊंची डाक कांवड़ के डीजे का फ्रेम 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया।
वहीं, करंट लगने से गांव के हिमांशु (14) उसका भाई प्रशांत (16) पुत्र सुरेश चंद्र सैनी, लख्मी (45) पुत्र भगीरथ और उनका भतीजा मनीष सैनी (18) पुत्र सुशील, महेंद्र (45) पुत्र कमलू और लक्ष्य (12) पुत्र सुनील की मौत हो गई। 14 लोग झुलस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने मेरठ-परीक्षितगढ़ मार्ग को जाम कर दिया। 14 घंटे बाद रविवार सुबह 10 बजे पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाया। मोर्चरी पर नेताओं-ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। दोपहर 1:40 बजे पोस्टमार्टम के बाद पुलिस फोर्स के साथ शवों को गांव ले जाया गया। छह शव एक साथ गांव पहुंचे तो हाहाकार मच गया।
यह भी पढ़ें: हर तरफ चीत्कार: कांवड़ यात्रा बनी काल, छह मौतों पर हर आंख नम, चीखते रहे परिजन..., ये तूने क्या किया महाकाल!
बालिग मृतकों के आश्रितों को छह-छह लाख की आर्थिक सहायता
छह मृतकों में दो बालिग हैं। इनके परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच-पांच लाख रुपये एवं विद्युत विभाग की तरफ से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। मृतकों में चार नाबालिग हैं, इनके परिवार वालों को विद्युत विभाग की तरफ से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। शासन को भी हम आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज रहे हैं। हादसे की जांच के लिए बनाई गई चार सदस्यीय कमेटी आज रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - दीपक मीणा, जिलाधिकारी
यह भी पढ़ें: मेरठ में दर्दनाक हादसा: रैपिडएक्स के कर्मचारियों पर गिरा स्लैब, मची चीख-पुकार, आठ मजदूर हुए घायल