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हर तरफ चीत्कार: कांवड़ यात्रा बनी काल, छह मौतों पर हर आंख नम, चीखते रहे परिजन..., ये तूने क्या किया महाकाल!
Sun, 16 Jul 2023 02:23 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 16 Jul 2023 02:23 PM IST
सार
भीषण हादसे में हुई छह मौतों पर गांव में मातम है। जो भी हादसे के बारे में सुनता है उसी का दिल बैठ जाता है। परिजन रो रोकर पूछ रहे हैं कि आखिर हमसे क्या गलती हुई महाकाल जो हमारे भोले हमसे छीन लिए।
हादसे की खबर सुनते ही लोगों का हुजूम गांव में उमड़ पड़ा। आगे विस्तार से जानें कितना हृदय विदारक था यह हादसा।
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kanwar accident
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गांव से कांवड़ ले जाने वाले इस माह के शुरूआत से ही सभी डाक कांवड़ को लेकर उत्साहित थे। जिसके लिए चंदा इकट्ठा किया गया। पूरा बंदोबस्त होने के बाद 13 तारीख को हंसी-खुशी के साथ ट्रैक्टर पर डाक कांवड़ लेने के लिए गांव से निकल गए थे। ट्रैक्टर-ट्राली पर डीजे लगाया गया था। औघड़नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के बाद उन्होंने गांव में फोन कर जानकारी दे दी थी कि कुछ घंटे बाद वह पहुंच जाएंगे। ग्रामीणों ने उनके स्वागत को लेकर पूरी तैयारियां भी कर ली थीं।
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Kanwar Accident
- फोटो : Amar Ujala
सभी भोले के गानों पर नाचते-गाते हुए गांव की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन एक ही पल में हंसी-खुशी का यह माहौल मातम में पसर गया। हादसे में जान गंवाने वाले हिमांशु, महेंद्र, प्रशांत, लखमी और मनीष ने यह सोचा भी नहीं होगा कि वह गांव की तरफ नहीं बढ़ रहे, बल्कि मौत उन्हें अपनी तरफ खींच रही है। बताया जा रहा है कि उन्हें रविवार सुबह गांव में जाना था, लेकिन मंदिर में जल चढ़ने के बाद तय किया गया कि अब सीधे गांव में ही जाएंगे।
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Kanwar Accident
- फोटो : Amar Ujala
रात डाक कांवड़ के 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से टकराने के हादसे में शिकार हुए सभी लोग जल चढ़ाकर घर पहुंचने के जोश से भरे हुए थे। उन्हें नहीं पता था कि गांव की दहलीज पर ही मौत उनका इंतजार कर रही है। कांवड़िये गाते हुए गांव की तरफ बढ़ रहे थे और ग्रामीण उनके स्वागत में भजन गा रहे थे, लेकिन गांव से एक किमी पहले ही सवा आठ बजे हादसा हो गया।
kanwar accident
- फोटो : Amar Ujala
हादसे की खबर सुनते ही परिजन मौके पर दौड़े, चीख पुकार के बची परिजन बेटों की सलामती की दुआ करते रहे लेकिन छह कांवड़ियों की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार दोपहर छह शवों को एक साथ एंबुलेस में लेकर गांव लाया गया तो हर किसी की आंख नम हो गई। पूरे गांव में हा-हाकार मचा हुआ है। आसपास के अन्य गांवों के लोग भी हादसे के बाद राली चौहान पहुंचे हैं।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार दोपहर छह शवों को एक साथ एंबुलेस में लेकर गांव लाया गया तो हर किसी की आंख नम हो गई। पूरे गांव में हा-हाकार मचा हुआ है। आसपास के अन्य गांवों के लोग भी हादसे के बाद राली चौहान पहुंचे हैं।