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जेल के अंदर की बात: जिंदगी को ऐसे संवार रहे अपराधी, इनकी पढ़ाई के बारे में जान होंगे हैरान, पढ़ें खास रिपोर्ट

Mon, 03 Apr 2023 06:11 PM IST
कपिल kapil विनीत तोमर, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विनीत तोमर, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 03 Apr 2023 06:11 PM IST
सार

जेल के अंदर कैदी और बंदी क्या-क्या करते हैं, यह बात ज्यादातर लोगों के मन में आती है। इन्हीं बातों का जवाब जानने के लिए पढ़िए अमर उजाला की यह खास रिपोर्ट-

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Meerut Jail Story: Criminals are doing different courses from Indira Gandhi National Open University
मेरठ जेल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोई हत्या जैसे संगीन जुर्म में सजा काट रहा है तो कोई लूट और डकैती जैसी वारदात का आरोपी है, लेकिन जेल की सलाखों के बीच रहकर उनकी सोच अब धीरे-धीरे बदल रही है। कैदियों और बंदियों की पढ़ाई के प्रति बढ़ती जिज्ञासा इस बात का संकेत है। वह एक होनहार छात्र की तरह रात को पांच-पांच घंटे लगातार पढ़ाई कर रहे हैं। कम आमदनी में जीवन कैसे चलाया जाए, कैदियों को कक्षा में यह सिखाया जा रहा है।

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मेरठ में जिला कारागार में बंद कैदियों और बंदियों की संख्या 2626 है। इनमें मेरठ और बागपत की 106 महिलाएं भी शामिल हैं। 407 कैदी और बंदी इग्नू (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) से अलग-अलग कोर्स कर रहे हैं। खास बात यह है कि सीएफएन (भोजन एवं पोषण प्रमाण पत्र) ऐसा कोर्स है जिसमें सबसे अधिक 263 कैदी और बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। यह कोर्स नौकरी के लिए नहीं है, लेकिन खासियत यह है इसमें बताया जाता है कि कम आमदनी में गुणवत्ता और पौष्टिकता वाला भोजन कैसे लिया जाए।
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हत्या में सजा काट रहा 62 वर्षीय सतीश जान रहा ग्रामीण विकास
मेरठ का रहने वाला 62 वर्षीय सतीश सबसे उम्रदराज छात्र है, जो हत्या के मामले में सजा काट रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर सतीश पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट का कोर्स कर रहा है। इस कोर्स में ग्रामीण विकास के बारे में बताया जाता है।
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इसके अलावा नौ कैदी और बंदी मानवाधिकारों की जानकारी के लिए सीएचआर कोर्स कर रहे हैं। सूचना और प्रौद्योगिकी में प्रमाण पत्र के लिए 13 दाखिले हैं और इसी तरह 10 कैदी और बंदी ऐसे है जो पर्यावरण अध्ययन का कोर्स कर रहे हैं। जेल में इग्नू का केंद्र है, जिसके तहत 20 कोर्स कराए जाते हैं। अन्य कोर्सों में कैदी और बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

पांचवीं से 12वीं तक कर रहे 121 बच्चे पढ़ाई
जेल में बंद कैदियों और बंदियों के अलावा बाल सुधार गृह के बंदी भी पढ़ाई में रुचि दिखा रहे हैं। पांचवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक 121 बाल बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें सबसे अधिक छठीं कक्षा में है, जिनकी संख्या 42 है।

बागपत की दमयंति ने जेल में रहकर ले ली एमए की डिग्री
जिला कारागार रिकार्ड के अनुसार, बागपत की रहने वाली दमयंति नाम की महिला हत्या के मामले में सजा काट रही थी। जिस समय वह जेल में आई वह मात्र आठवीं पास थी। उसने पढ़ाई की इच्छा जताई और पिछले साल जब वह जेल से बाहर निकली तब तक एमए की डिग्री ले चुकी थी।

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जेल में बंद कैदी और बंदी पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। नियमित तौर पर उनकी कक्षा चलती है। सभी अलग-अलग तरह के कोर्स कर रहे हैं, जो सराहनीय है। - राकेश कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ

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