Meerut: जनगणना ड्यूटी से बचना पड़ा भारी, 134 कर्मचारी रडार पर, अब दर्ज होगी प्राथमिकी
मेरठ में जनगणना ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने वाले 134 कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दो बार नोटिस के बावजूद जवाब न देने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
विस्तार
मेरठ जनगणना कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जनगणना ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने और जिम्मेदारी स्वीकार न करने वाले 134 कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो बार नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनपद में कुल 5935 कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। इनमें लगभग 2600 कर्मचारी नगर निगम क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन कुछ कर्मचारी ड्यूटी लेने के लिए उपस्थित ही नहीं हुए।
यह भी पढ़ें: नर्स अंजलि हत्याकांड: फरार सूफियान की तलाश तेज, बहन और वार्ड बॉय भेजे गए जेल, दिल्ली तक पहुंची पुलिस
जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी
लगातार अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य राष्ट्रीय महत्व का दायित्व है और इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
वरिष्ठ प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मेरठ शहर में जनगणना ड्यूटी के वरिष्ठ प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार को निर्देश दिए हैं कि चिन्हित कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का मानना है कि बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद ड्यूटी से दूरी बनाए रखना सेवा दायित्वों की अवहेलना है। जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी जिम्मेदारी से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।