Meerut: कड़कड़ाती ठंड में धरने पर डटे किसान, महिलाओं ने संभाला मोर्चा, मेडा परिसर में चढ़ाई कढ़ाई
मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) में भीषण ठंड के बीच भी तीनों योजनाओं के किसानों का धरना शुक्रवार को भी सुबह से चल रहा है।
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महाकुंभ से पहले गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण पूरा कराने का वादा अधूरा रह गया है। गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारा विकसित करना यूपीडा के सामने चुनौती बना है। औद्योगिक गलियारे के लिए 300 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण न हो, इसको लेकर किसान दो महीने से धरने पर बैठे हैं। 2025 में गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारा बनाने की परियोजना पूरी करने का लक्ष्य यूपीडा ने बनाया। प्रशासन भी जमीन अधिग्रहण कराने में लगा हुआ है। आज दूसरे दिन भी किसानों का धरना जारी रहा।
प्रयागराज जाने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जा रहा है। मेरठ में खरखौदा और बिजौली गांव के जंगल में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित हुई है। जिसमें से करीब 250 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा कराकर यूपीडा को दी है।
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औद्योगिक गलियारा विकसित करना भी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि अधिग्रहण के विरोध में किसान दो महीने से छतरी गांव के संपर्क मार्ग पर धरने पर बैठे हैं। बताया गया कि लेखपाल से तहसीलदार तक जमीन की पैमाइश कर चुके हैं।
भीषण ठंड में डटे किसान, महिलाओं ने भी डाला डेरा
मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) में भीषण ठंड के बीच भी तीनों योजनाओं के किसानों का धरना शुक्रवार को भी सुबह से चल रहा है। भारी संख्या में महिलाएं भी डटी रहीं। प्राधिकरण अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
बढ़े हुए प्रतिकर की मांग कर रहे तीन योजनाओं के किसानों ने गुरुवार को मेडा में धरना शुरू कर दिया था। पार्किंग में ही किसान धरने पर बैठ गए। शुक्रवार को भीषण ठंड और कोहरे के बीच में भी किसान धरने पर बैठे रहे।
इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक उन्हें बढ़े हुए मुआवजे को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक धरना चालू रहेगा। अब किसानों ने दोपहर के खाने की तैयारी शुरू कर दी है और कढ़ाई चढ़ा दी है।