Meerut: जागृति विहार एक्सटेंशन में किसानों ने फिर जोत दी जमीन, अधिकारियों से वार्ता फिर विफल
मेरठ के जागृति विहार एक्स्टेंशन में शनिवार को एडीएमएलए के साथ किसानों और आवास विकास के अधिकारियों की बीच वार्ता बेनतीजा रही। वहीं, किसानों ने एक बार फिर जमीन को जोतकर बुवाई शुरू कर दी है।
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मेरठ में आवास विकास परिषद और किसानों के बीच विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। इस विवाद के चलते सैकड़ों आवंटी लाखों रुपये जमा करने की बावजूद अपनी ही भूमि पर कब्जा नहीं ले पाए हैं। शनिवार को भी एडीएमएलए के साथ किसानों और आवास विकास के अधिकारियों की बीच वार्ता बेनतीजा रही। वहीं, किसानों ने एक बार फिर जमीन को जोतकर बुवाई शुरू कर दी है।
आवास विकास परिषद की जागृति विहार एक्सटेंशन योजना वर्ष 2009 में शुरू हुई थी। अभी तक भी यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। किसान यहां बढ़े प्रतिकर और प्लॉटों की मांग को लेकर महीनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है।
आवास विकास की ओर से किसानों के साथ हुए समझौते के आधार पर उन्हें प्लॉटों के आवंटन पत्र भेज दिए हैं, लेकिन उसके बाद भी किसानों ने आवास विकास को कब्जा नहीं लेने दिया है। किसान अपनी मांग पर अड़े हैं और उन्होंने यहां आवास विकास की जमीन पर फिर से जुताई शुरू कर दी है। उनका कहना है कि उन्हें प्रतिकर बढ़ाकर दिया जाए।
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इस बीच, शनिवार को आवास विकास के अधिकारियों, किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों की बीच वार्ता एक बार फिर विफल हो गई। परिषद की ओर से अधिशासी अभियंता राजकुमार, सहायक अभियंता विरेंद्र यादव और अर्जित भूमि किसान संगठन के महामंत्री भारत भड़ाना समेत काफी संख्या में किसान एडीएमएल अशरफ सुल्तान के कार्यालय में पहुंचे। यहां अधिकारियों ने आवंटियों को कब्जा देने को कहा, लेकिन किसानों ने बढ़ा प्रतिकर मिले बिना कब्जा देने से इनकार कर दिया। काफी संख्या में योजना के आवंटी भी पहुंचे।
आवास विकास की ओर से करीब 149 किसानों को समझौते के आधार पर प्लॉटों के आवंटन पत्र जारी कर दिए गए हैं। किसानों का दावा है कि उनकी ओर से आवास विकास के अधिकारियों को वह आवंटन पत्र वापस कर दिए गए हैं। मात्र 10 फीसदी किसान ही ऐसे हैं जिन्होंने अपने प्लॉटों की रजिस्ट्री कराई है।
प्रशासन से योजना के आवंटियों को कब्जा दिलाने की अपील की गई है। किसान अपनी मांग पर अड़े हैं जिस कारण योजना में कार्य नहीं हो पा रहा है। राजकुमार, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद मेरठ