मेरठ में गरजा बुलडोजर: कार्रवाई से मचा हड़कंप, 'ध्वस्तीकरण के बाद फिर किया अवैध निर्माण तो लगेगा गुंडा एक्ट'
Meerut News : मेरठ के भावनपुर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। टीम ने दो अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई की है।
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मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा का बुलडोजर बुधवार को भावनपुर थानाक्षेत्र में खूब गरजा। एक के बाद एक चार अवैध कॉलोनियों को जमींदोज किया गया। प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन ने बताया कि कमलानगर के निकट गेसूपुर गढ़ रोड पर पवित्र मित्रा द्वारा प्राधिकरण से बिना ले आउट स्वीकृत कराए 7000 वर्ग गज में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी की सड़क, बाउंड्रीवाल, खंभे आदि ध्वस्त कर दिए गए।
इसके बाद हरेंद्र सिंह द्वारा हसनपुर कदीम गढ़ रोड पर 14 हजार वर्ग गज में, किनानगर रोड पर नौशाद व अभिषेक द्वारा 18 बीघा भूमि पर, नेत्रपाल द्वारा दस हजार वर्ग गज में अवैध रूप से विकसित की रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया।
अर्पित यादव ने बताया कि इसी के साथ मोहल्ला मछरी बाजार मेहताब के सामने दिल्ली रोड पर मोहम्मद शाहवेज द्वारा 120 वर्ग गज में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 7 दुकानों का निर्माण कर कांप्लेक्स तैयार किया जा रहा था, इस पर सील लगा दी गई।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) अब हर 15 दिन में जीआईएस इमेज के जरिए अपने विकास क्षेत्र का नक्शा अपडेट करेगा। इसमें विशेष रूप से उन क्षेत्रों को देखा जाएगा, जहां अवैध कॉलोनी ध्वस्त की जा चुकी हैं। इस नक्शे में अगर फिर से निर्माण मिलता है तो ऐसे अवैध निर्माणकर्ता चिह्नित किए जाएंगे। इनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
मेडा ने चारों जोन में 366 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की हैं। लोग अपनी गाढ़ी कमाई अनाधिकृत कॉलोनियों में न लगा दें, इसके लिए मेडा दफ्तर के मुख्य द्वार पर ही बड़ा सा होर्डिंग लगाया गया है।
इसके अलावा वेबसाइट पर भी इन कॉलोनियों की सूची जारी कर रखी है। इसी के साथ नियमित व स्वीकृत कॉलोनियों का भी ब्यौरा दिया गया है। मेडा ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 100 से अधिक अवैध कॉलोनियां ध्वस्त करने का दावा किया है।
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मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि मेरठ महायोजना-2031 जीआईएस सर्वे के अनुसार ही बनाई गई है। यह सेटेलाइट बेस्ड है, जिसमें जहां जिस तरह का निर्माण है, वैसा ही पता चलेगा। उन्होंने बताया कि लगातार ध्वस्तीकरण के बावजूद अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार आ रही हैं। जहां ध्वस्तीकरण कर दिया गया, वहां पुर्ननिर्माण के मामले भी सामने आए हैं।
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उपाध्यक्ष ने बताया कि अवैध कॉलोनी में ध्वस्तीकरण के बाद फिर से निर्माण करने वाले नई व्यवस्था से पकड़ में आ जाएंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।