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मेरठ बंद का मिला-जुला असर
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 17 Sep 2016 02:39 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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व्यापारी पवन गोयल की हत्या और शहर में व्यापारियाें के साथ हो रही लगातार आपराधिक घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को मेरठ बंद का मिला जुला असर रहा। इस बंद का समर्थन तो शहर के दोनों प्रमुख व्यापारियों गुटों ने किया। लेकिन बंद कराने से लेकर अफसरों को ज्ञापन देने में दोनों गुट अलग-अलग पहुंचे। बंद का असर शहर के बड़े बाजारों में तो पूरी तरह नजर आया। लेकिन मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें खुली रहीं।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने इस बंद का एलान किया था। जबकि संयुक्त व्यापार संघ के चुनावी माहौल में दूसरे गुट के नेता पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल ने भी इस बंद को समर्थन दिया। शुक्रवार सुबह दोनों गुट अपने-अपने समर्थकों के साथ अलग-अलग बाजारों में बंद का समर्थन करते घूमते रहे। कई जगह बाजार खुला देखकर उसे इन व्यापारी नेताओं ने बंद कराया। नवीन गुप्ता, संजय जैन, सतीश चंद जैन, लल्लू मक्कड़, विजय आनंद अग्रवाल, तरुण गोयल, उमेश अग्रवाल शारदा, विकास गिरधर, अमन गुप्ता, गौरव शर्मा, विपुल सिंघल, गिरीश मोहन गुप्ता आदि ने शहर में घूमकर बाजार बंद कराए।
वहीं, पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, पवन मित्तल, कमल ठाकुर, दलजीत सिंह, नीरज मित्तल, संदीप रेवड़ी, राजीव गुप्ता काले, अंकित गुप्ता, गजेंद्र शर्मा, विशाल बिंदल, आशीष बंसल आदि भी सुबह ही बाजारों में निकल गये और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने का आह्वान किया।
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गुटबाजी से बंद रहा बेअसर
व्यापारियों की आपसी गुटबाजी के चलते बंद पूरी तरह सफल नहीं हुआ। हालांकि शहर के पॉश बाजार आबूलेन, बेगमपुल, बुढ़ाना गेट, सदर, कागजी बाजार, नील की गली, सराफा बाजार, कबाड़ी बाजार, सेंट्रल मार्केट आदि में बंद सफल नजर आया। वहीं, खैरनगर का दवा बाजार बुखार की बीमारी के चलते बंद से मुक्त होने के कारण खुला रहा। जबकि घंटाघर, भगत सिंह मार्केट, जली कोठी, भूमिया पुल, गढ़ रोड आदि का बाजार खुला रहा। पेट्रोल पंप संचालक भी इस बंद में शामिल नजर नहीं आये और पेट्रोल पंप सुबह से ही खुले रहे।
ज्ञापन देने भी पहुंचे अलग-अलग
संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुट बंदी के आह्वान से लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन देने तक अलग-अलग ही धड़ों में बंटे नजर आये। नवीन गुप्ता जहां अपने समर्थकों के साथ आईजी से मिलने पहुंचे तो बिजेंद्र अग्रवाल और अरुण वशिष्ठ ने उसी समय कमिश्नर से मुलाकात की। जबकि आईजी से मिलने के बाद नवीन गुप्ता गुट कमिश्नर से मिलने पहुंचा तो अरुण वशिष्ठ गुट ने एडीएम प्रशासन दिनेश चंद से मुआवजे को लेकर बात की।
रिठानी व्यापार संघ ने जताया शोक
रिठानी व्यापार संघ ने बंद में शामिल होने के साथ ही शोकसभा का आयोजन किया। जिसमें व्यापारी पवन गोयल की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। यहां सुनील वर्मा, आदित्य शर्मा, संजय जैन, बिजेंद्र पाल, राजेंद्र शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा, तरुण, रवि, जॉनी, प्रेमपाल आदि मौजूद रहे।
संयुक्त व्यापार मंडल ने घेरा एसएसपी आफिस
व्यापारी पवन गोयल की हत्या के विरोध में संयुक्त व्यापार मंडल के मेरठ मंडल अध्यक्ष आशू शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र खुलासा नहीं हुआ तो व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर एसएसपी को चाबी सौंप देंगे। प्रदर्शन में सरदार मनजीत सिंह, कोछड़, जिलाध्यक्ष पंकज खटीक, कांति प्रसाद, पीयूष वशिष्ठ, ममता मित्तल, रीना पटेल, विनीत बालियान, नवनीत आदि मौजूद रहे।
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संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने इस बंद का एलान किया था। जबकि संयुक्त व्यापार संघ के चुनावी माहौल में दूसरे गुट के नेता पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल ने भी इस बंद को समर्थन दिया। शुक्रवार सुबह दोनों गुट अपने-अपने समर्थकों के साथ अलग-अलग बाजारों में बंद का समर्थन करते घूमते रहे। कई जगह बाजार खुला देखकर उसे इन व्यापारी नेताओं ने बंद कराया। नवीन गुप्ता, संजय जैन, सतीश चंद जैन, लल्लू मक्कड़, विजय आनंद अग्रवाल, तरुण गोयल, उमेश अग्रवाल शारदा, विकास गिरधर, अमन गुप्ता, गौरव शर्मा, विपुल सिंघल, गिरीश मोहन गुप्ता आदि ने शहर में घूमकर बाजार बंद कराए।
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वहीं, पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, पवन मित्तल, कमल ठाकुर, दलजीत सिंह, नीरज मित्तल, संदीप रेवड़ी, राजीव गुप्ता काले, अंकित गुप्ता, गजेंद्र शर्मा, विशाल बिंदल, आशीष बंसल आदि भी सुबह ही बाजारों में निकल गये और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने का आह्वान किया।
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गुटबाजी से बंद रहा बेअसर
व्यापारियों की आपसी गुटबाजी के चलते बंद पूरी तरह सफल नहीं हुआ। हालांकि शहर के पॉश बाजार आबूलेन, बेगमपुल, बुढ़ाना गेट, सदर, कागजी बाजार, नील की गली, सराफा बाजार, कबाड़ी बाजार, सेंट्रल मार्केट आदि में बंद सफल नजर आया। वहीं, खैरनगर का दवा बाजार बुखार की बीमारी के चलते बंद से मुक्त होने के कारण खुला रहा। जबकि घंटाघर, भगत सिंह मार्केट, जली कोठी, भूमिया पुल, गढ़ रोड आदि का बाजार खुला रहा। पेट्रोल पंप संचालक भी इस बंद में शामिल नजर नहीं आये और पेट्रोल पंप सुबह से ही खुले रहे।
ज्ञापन देने भी पहुंचे अलग-अलग
संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुट बंदी के आह्वान से लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन देने तक अलग-अलग ही धड़ों में बंटे नजर आये। नवीन गुप्ता जहां अपने समर्थकों के साथ आईजी से मिलने पहुंचे तो बिजेंद्र अग्रवाल और अरुण वशिष्ठ ने उसी समय कमिश्नर से मुलाकात की। जबकि आईजी से मिलने के बाद नवीन गुप्ता गुट कमिश्नर से मिलने पहुंचा तो अरुण वशिष्ठ गुट ने एडीएम प्रशासन दिनेश चंद से मुआवजे को लेकर बात की।
रिठानी व्यापार संघ ने जताया शोक
रिठानी व्यापार संघ ने बंद में शामिल होने के साथ ही शोकसभा का आयोजन किया। जिसमें व्यापारी पवन गोयल की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। यहां सुनील वर्मा, आदित्य शर्मा, संजय जैन, बिजेंद्र पाल, राजेंद्र शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा, तरुण, रवि, जॉनी, प्रेमपाल आदि मौजूद रहे।
संयुक्त व्यापार मंडल ने घेरा एसएसपी आफिस
व्यापारी पवन गोयल की हत्या के विरोध में संयुक्त व्यापार मंडल के मेरठ मंडल अध्यक्ष आशू शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र खुलासा नहीं हुआ तो व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर एसएसपी को चाबी सौंप देंगे। प्रदर्शन में सरदार मनजीत सिंह, कोछड़, जिलाध्यक्ष पंकज खटीक, कांति प्रसाद, पीयूष वशिष्ठ, ममता मित्तल, रीना पटेल, विनीत बालियान, नवनीत आदि मौजूद रहे।