Meerut: इजलाल के बेटे के सुरक्षाकर्मी का शस्त्र लाइसेंस होगा निरस्त, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा
हाजी इजलाल मेरठ काॅलेज के तीन छात्रों की हत्या के मामले में जेल गया था। अब वह जमानत पर बाहर है। वहीं उसके बेटे का हथियारों के साथ वीडियो वायरल हुआ है। अब सुरक्षाकर्मी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
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तिहरे हत्याकांड के आरोपी इजलाल कुरैशी के बेटे मोहम्मद कैफ ने जिस रिवाल्वर के साथ रील बनाई थी, वह उसके निजी सुरक्षाकर्मी की थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आयुध अधिनियम 1958 की धारा 20 और आयुध अधिनियम 1959 की धारा 30 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस ने कैफ और उसके निजी सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर 41ए सीआरपीसी के नोटिस पर छोड़ दिया है। वहीं, 10 दिन के भीतर मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। सुरक्षाकर्मी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
सीओ कोतवाली अमित राय ने बताया कि शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कोतवाली के गुदड़ी बाजार निवासी इजलाल कु़रैशी के बेटे कैफ और जैद का वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि जो युवक अंटी में रिवाल्वर लगाकर रील बना रहा है कि वह गुदड़ी बाजार में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी इजलाल का बेटा कैफ है।
इस मामले में कैफ से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ये रिवाल्वर उसके निजी सुरक्षाकर्मी जम्मू के पुंछ हवेली के गुलपुर निवासी मोहम्मद जहबरात पुत्र सादिक का है। सादिक का .32 बोर का ये लाइसेंस जम्मू-कश्मीर से बना हुआ है। इसका कार्यक्षेत्र पूरा भारत बताया जा रहा है।
सीओ ने बताया कि दूसरे व्यक्ति के लाइसेंसी हथियार को कैफ ने जिस तरह लगाकर उसका प्रदर्शन किया है, वह आयुध अधिनियम का उल्लंघन है। ऐसे में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इन धाराओं में सजा का प्रावधान सात वर्ष से कम है, इसलिए दोनों को 41 सीआरपीसी का नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया है।
कैफ के निजी सुरक्षाकर्मी मोहम्मद जहबरात की रिवाल्वर जब्त कर ली गई है। उसके लाइसेंस की निरस्तीकरण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। 10 दिन में पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर देगी।
एसएसपी भेज चुके हैं शाहिद अखलाक के लाइसेंस के निरस्तीकरण की रिपोर्ट
कोतवाली पुलिस निजी सुरक्षाकर्मी मोहम्मद जहबरात के रिवाल्वर के लाइसेंस के निरस्तीरण का दावा कर रही है, लेकिन ऐसे मामले में ठोस कार्रवाई करनी पड़ेगी। पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के लाइसेंस के मामले में पूर्व एसएसपी ने डीएम को निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी थी, लेकिन अभी तक लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ है।
डीएम कोर्ट में मामला चल रहा है। इस मामले में 2019 में कोतवाली के गुदड़ी बाजार में पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक और बेटे शाकिब पर घर के बाहर फायरिंग का आरोप लगा था। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर राशिद अखलाक को जेल भेज दिया था, जबकि शाकिब का नाम विवेचना से निकल गया था।
तीन छात्रों की हत्या में 2008 से जेल में बंद था इजलाल
23 मई 2008 में कोतवाली थाना क्षेत्र के गुदड़ी बाजार में मेरठ कॉलेज के छात्र पुनीत गिरी, सुधीर उज्जवल और सुनील ढाका की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद तीनों के शव बागपत जनपद में बालैनी थाना क्षेत्र स्थित हिंडन नदी में क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। यह मुकदमा बागपत से मेरठ स्थित कोतवाली थाने में ट्रांसफर हो गया था।
पुलिस ने खुलासा किया था कि तीनों युवकों की हत्या गुदड़ी बाजार में मीट करोबारी हाजी इजलाल व उसके भाइयों और करीबियों ने अंजाम दी थी। इजलाल और उसके भाइयों को पुलिस ने जेल भेज दिया था। इजलाल 14 साल से जेल में बंद था। आजकल वह जमानत पर है। तिहरे हत्याकांड के मुकदमे में कभी भी निर्णय आ सकता है।