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अपराजिता: आत्मविश्वास से अपना विकास करें बेटियां, पुलिस अफसरों ने दिए ये टिप्स

Thu, 14 Feb 2019 12:09 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 14 Feb 2019 12:09 AM IST
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Meerut: Aparajita, Police officers give tips to girl students in police ki pathshala
पुलिस की पाठशाला में मंच पर पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

समाज में आज भी बेटा और बेटी के लिए दो विभिन्न मानसिकताएं कायम हैं। अक्सर बेटियों को इस मानसिकता का सामना करना पड़ता है जो उन्हें आगे बढ़ने से रोकती है। अगर बच्चियां खुद आगे बढ़ाना चाहती हैं तो इन रुढ़ियों से उन्हें लड़ना होगा। अपनी तरक्की का रास्ता खुद बनना होगा। बच्चियों को आगे बढ़ने के यह टिप्स एसपी सिटी रणविजय सिंह ने दिए। बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तहत मेरठ में माउंट लिट्राजी स्कूल में पुलिस की पाठशाला लगी। 

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स्कूल प्रबंधक अनिल रोहटा व प्रिंसिपल शालिनी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। पाठशाला में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान में छात्राओं ने मुख्य अतिथि से अपनी सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। छात्रों ने गणेश वंदना व स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों, अनुशासन परिषद् के पदाधिकारियों व सांस्कृतिक परिषद् के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। अंत में सभी ने अपराजिता अभियान के तहत नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली।

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संवाद के ये प्रमुख बिंदु
सिलेबस की किताबों से हटकर सामान्य ज्ञान या लेखकों की किताबें भी पढ़ने की आदत डालें। 
सोशल मीडिया और गैजेट्स का प्रयोग कम से कम करें। 
सोशल मीडिया के प्रयोग में पूरी सावधानी रखें। फेक अकाउंट और फ्रैंडशिप रिक्वेस्ट से बचें। 
कोई परेशानी हो तो माता-पिता से अवश्य साझा करें। 
यातायात के नियमों और कानून का पालन जरूर करें। 
एक बार अगर किसी व्यक्ति के नाम एफआइआर दर्ज हो जाए तो उसका पूरा कॅरियर चौपट हो सकता है। 
किसी के साथ मारपीट करने और गाली देने से हमेशा बचें। 

स्कूल छूटने के डर में रहती हैं बेटियां
एसपी सिटी ने कहा कि समाज में इतना खुलापन आने के बाद भी बेटियों के मन में खौफ है। सबसे बड़ा डर उन्हें इस बात का है कि अगर उन्होंने अपनी परेशानी परिवार को बताई तो उनकी पढ़ाई छुड़वा दी जाएगी। आज भी लोगों की सोच बेटियों के लिए संकीर्ण है। अभिभावक कई मामलों में अपनी बेटी को ही दोषी मान लेते हैं, चाहे उसकी गलती हो या न हो। इस सोच को बदलें। इसी डर के कारण बच्चियां अपने साथ होने वाली गलत बात को चुपचाप सहती रहती हैं।

हेल्पलाइन पर करें शिकायत गुप्त रहेगी पहचान
छात्राओं के साथ कुछ गलत हो तो वे अपनी शिकायत डॉयल 100 पर करें। स्थानीय पुलिस चौकी या थाने में जाकर शिकायत कर सकती हैं। महिला थाना में भी शिकायत कर सकती हैं। 1090 वुमन हेल्पलाइन खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया प्लेटफार्म है जिस पर शिकायत करने पर पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।

पैरेंट्स, शिक्षक और पुलिस को बताएं परेशानी
स्कूल प्रबंधक अनिल रोहटा ने कहा कि छात्र-छात्रा जो भी है अगर समाज में, अपने आसपास कुछ गलत होता देख रहे हैं तो जानकारी अवश्य दें। माता-पिता, शिक्षक या पुलिस जिसे चाहें उसे अपनी परेशानी जरूर बताएं। कोई आपके साथ गलत व्यवहार करता है तो उसकी भी जानकारी अवश्य दें। जब आप अपनी परेशानी बताएंगे तभी उसका हल भी होगा। प्रिंसिपल शालिनी सिंह ने कहा कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना ही जिम्मेदारी पूरा करना नहीं हैं। वर्तमान में बच्चों को मूल्यों की जानकारी होना अनिवार्य है।

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छात्राओं के सवाल एसपी सिटी के जवाब
सवाल- कोई व्यक्ति दुर्व्यवहार करे और हम बचाव के लिए उसे मारें तो क्या यह अपराध है? - सलोनी
जबाव- आत्मसुरक्षा के लिए किसी पर किया गया हमला अपराध नहीं है, लेकिन बेवजह किसी के साथ मारपीट या अपशब्द अपराध है।
सवाल- समाज हर घटना में लड़की को ही गलत क्यों मानता है? - सिमरन
जवाब- यह समाज की गलत सोच है। गलती लड़का-लड़की दोनों की हो सकती है, इस सोच को बदलना जरूरी है।

सवाल- इतने सरकारी प्रयासों के बाद भी समाज में महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं? - उदीसा
जवाब- हेल्पलाइन और पुलिस लगातार महिला सुरक्षा पर काम कर रही है। इससे महिला अपराध का ग्राफ काफी घटा है। इन प्रयासों के साथ समाज को अपनी सोच भी बदलनी होगी।

सवाल- महिला सशक्तीकरण की बात होती है, पुरुष सशक्तीकरण की क्यों नहीं। - अनुष्का
जवाब- लड़का, लड़की कोई भी हो कानून सभी के लिए समान है। हर व्यक्ति को कानून का पालन करना है। जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, उसे सजा भी मिलेगी। 

सवाल- ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में सुरक्षा के लिए पुलिस क्यों नहीं पहुंचती? - दीपांशी अहलावत
जवाब- ऐसा नहीं हैं, देश के हर राज्य में नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है। शहरी, ग्रामीण और आदिवासी सभी जगह पुलिस सुरक्षा देती है।

सवाल- बलात्कारी को फांसी क्यों नहीं देते? अग्रिमा सिंह
जवाब- देश के कानून में हर अपराध के लिए सजा तय है। बलात्कार के मामले में तो कानून लगातार सख्त हो रहा है। अपराध किस प्रवृत्ति का है उसी के अनुसार सजा भी मिलती है।

सवाल- अगर किसी लड़की के साथ छेड़खानी हो तो वो अपनी सुरक्षा कैसे करे? प्रेरणा चौहान
जवाब- मानसिक या शारीरिक किसी भी तरह से अगर कोई परेशान करता है तो वह अपराध की श्रेणी में आता है। इसकी शिकायत छात्राएं संबंधित थाना पुलिस को कर सकती हैं। हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद ले सकती हैं।

सवाल- पुलिस नेताओं के दबाव में आकर अपराधियों को छोड़ क्यों देती है? - अंश दाहिया
जवाब- यह लोगों की सोच है, जिस व्यक्ति ने अपराध किया है वो अपराधी है उसे सजा मिलती है। समाज में ऐसे कई नाम हैं जिनका कद बहुत बड़ा है लेकिन उन्होंने अपराध किया तो उन्हें सजा मिली है। कानून सभी के लिए समान है।

सवाल- महिला अपराध घटने के बजाय बढ़ता क्यों जा रहा है? - रोशन
जवाब- महिला अपराध बढ़ा नहीं बल्कि घटा है। अगर आंकड़े भी देखेंगे तो इस बात को लोग समझ जाएंगे। पुलिस लगातार महिला सुरक्षा की दिशा में कार्यरत है।

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