{"_id":"6a68a62e169ce2b97d030db3","slug":"meeras-devotion-is-the-most-unique-kapil-bavra-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1257165-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीरा की भक्ति सबसे अनूठी : कपिल बावरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीरा की भक्ति सबसे अनूठी : कपिल बावरा
विज्ञापन
- माधवपुरम क्षेत्र मंडप में भक्तमाल की कथा का हुआ आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। माधवपुरम क्षेत्र मंडप में श्री वैष्णव भक्त सेवा संस्थान एवं चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पांच दिवसीय भक्तमाल की कथा के चौथे दिन रसिक कपिल बावरा महाराज ने मीरा बाई के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में मीरा बाई माधवी नाम की एक गोपी थी। उनका विवाह अविचल के पुत्र सुंदर के साथ हुआ था और वे नंदगांव आई थीं। उन्होंने कहा कि मीरा की भक्ति सबसे अनूठी थी।
कथा के मध्य भजन भी गाए गए। इसमें श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहा तथा चले क्यों गए रे कान्हा मथुरा नगरीया जैसे भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमते हुए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का आनंद लिया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत धारण करने और गोवर्धन पूजा की महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। वेदी पूजन राजेश वर्मा ने किया। समापन पर श्रद्धालुओं ने कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। माधवपुरम क्षेत्र मंडप में श्री वैष्णव भक्त सेवा संस्थान एवं चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पांच दिवसीय भक्तमाल की कथा के चौथे दिन रसिक कपिल बावरा महाराज ने मीरा बाई के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में मीरा बाई माधवी नाम की एक गोपी थी। उनका विवाह अविचल के पुत्र सुंदर के साथ हुआ था और वे नंदगांव आई थीं। उन्होंने कहा कि मीरा की भक्ति सबसे अनूठी थी।
कथा के मध्य भजन भी गाए गए। इसमें श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहा तथा चले क्यों गए रे कान्हा मथुरा नगरीया जैसे भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमते हुए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का आनंद लिया।
विज्ञापन
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत धारण करने और गोवर्धन पूजा की महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। वेदी पूजन राजेश वर्मा ने किया। समापन पर श्रद्धालुओं ने कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया।
विज्ञापन