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मेडिकल में नहीं मिला वेंटिलेटर, 25 मिनट एंबुलेंस में रही मरीज

Wed, 30 Jul 2025 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 02:21 AM IST
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Medical equipment was not available, patient remained in hospital for 25 minutes
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में चिकित्सीय व्यवस्था बेपटरी है। इसका उदाहरण मंगलवार को भी देखने को मिला। बिजनौर से आई एक महिला मरीज नरगिस को करीब 25 मिनट तक एंबुलेंस में रहना पड़ा क्योंकि उन्हें वेंटिलेटर नहीं मिला। वेंटिलेटर तो बाद में भी नही मिला लेकिन गनीमत यह रही कि महिला की तबीयत में थोड़ा सुधार हो गया और सिलिंडर से ऑक्सीजन दिए जाने से वह सामान्य हो गईं। इसके बाद उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर लिया गया।
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सुबह करीब साढ़े 11 बजे बिजनौर जिला अस्पताल से मरीज नरगिस को एंबुलेंस से मेडिकल इमरजेंसी लाया गया। उन्हें एंबु बैग से ऑक्सीजन दिया जा रहा था। नरगिस के पति आजाद ने बताया कि नरगिस बीमार है। जब बिजनौर से चले थे तो उसे सांस लेने में काफी दिक्कत थी। डॉक्टरों ने कहा था कि वेंटिलेटर पर लेना पड़ेगा। मेडिकल पहुंचे तो यहां इमरजेंसी में चिकित्सीय स्टाफ ने कहा कि वेंटिलेटर के लिए कागजी कार्रवाई पूरी कीजिए। इसके लिए करीब 25 मिनट तक परेशान रहे। इस बीच नरगिस को सांस लेने में थोड़ी आसानी होने लगी। इसके बाद स्ट्रेचर पर लेकर छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर लाकर ऑक्सीजन दिया गया और इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि मरीज को भर्ती करने में या वेंटिलेटर मिलने में कोई परेशानी हुई हो, ऐसी कोई शिकायत परिजनों ने मेडिकल स्टाफ से नहीं की। मरीज भर्ती है। उसका उपचार चल रहा है। वह पहले से ठीक है।
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काफी देर में खुला ऑक्सीजन सिलिंडर का लॉक
एंबुलेंस से निकालकर नरगिस को छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर लगाया गया, लेकिन मेडिकल कर्मचारी से उसका लॉक नहीं खुला। तब तक परिजन मरीज को एंबु बैग से ऑक्सीजन देते रहे। कर्मचारी को लगा कि सिलिंडर में ऑक्सीजन नहीं है, शायद इसलिए नहीं चल रहा। हालांकि फिर दूसरे कर्मचारी ने ऑक्सीजन सिलिंडर का लॉक खोला तो पता चला कि उसमें ऑक्सीजन थी, तब मरीज को ऑक्सीजन लगाकर बेड पर लिटाया गया।
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क्या है एंबु बैग
एंबू बैग, जिसे बैग-वाल्व-मास्क या मैनुअल रिससिटेटर भी कहा जाता है। एक पोर्टेबल, हाथ से संचालित उपकर है जिसका उपयोग उन रोगियों को कृत्रिम सांस देने के लिए किया जाता है जो सांस नहीं ले पा रहे हैं या जिन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही है। यह एक स्व-फुलाने वाले बैग, एक वाल्व और एक मास्क से बना होता है। यह एक लचीला बैग होता है जिसे दबाने पर हवा फेफड़ों में जाती है।
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