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कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ड्रामा, आलीशान होटल को सील नहीं कर पाया एमडीए, जानें- क्या है पूरा मामला

Tue, 01 Oct 2019 02:31 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 01 Oct 2019 02:31 PM IST
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MDA team could not seal of Hotel Doab Vilas at Meerut
होटल दोआब विलास - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में परतापुर बाईपास स्थित होटल दोआब विलास को सील करने के नाम पर सराकरी ड्रामा चल रहा है। सोमवार को एमडीए के जोनल अधिकारी धीरज सिंह टीम लेकर होटल पहुंची। लेकिन परतापुर पुलिस के राज्यपाल के कार्यक्रम में व्यस्त होने के चलते सीलिंग की कार्रवाई में असफल रही। हालांकि भारी विरोध के बीच औपचारिकता के नाम पर होटल के अंदर का एक हॉल ही सील किया गया। शाम को फिर टीम होटल पहुंची। लेकिन परतापुर पुलिस के न होने और सूर्यास्त होना बताकर सीलिंग की कार्रवाई टाल दी गई। इस दौरान होटल मालिकों के परिजनों समेत काफी संख्या में पहुंची भीड़ ने दो दिन का समय मांगा।

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क्लब का नक्शा ही पास
होटल दोआब विलास के निर्माण के समय एमडीए में क्लब का नक्शा पास कराया था। लेकिन इसमें 32 कमरों के साथ ही पार्टी हॉल आदि का निर्माण कर दिया गया। यही नहीं, सामने से गुजर रहे सरकारी नाले को पाटकर संकीर्ण कर जमीन कब्जा ली गई। डीएम अनिल ढींगरा ने इसकी जांच कराई तो मामला सामने आया। संपूर्ण निर्माण महायोजना जोनिंग रेगुलेशन के अनुसार स्वीकृत नहीं है। वहीं, नेशनल हाईवे से होटल में प्रवेश की अनुमति नहीं ली गई। इस पर होटल मालिक ज्ञानेंद्र चौधरी और सचिन चौधरी के खिलाफ परतापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं, एमडीए ने भी स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।
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पहले से मौजूद भीड़ ने सील लगाने का विरोध किया
अपर नगर मजिस्ट्रेट ब्रह्मपुरी कमलेश कुमार सोमवार दोपहर एमडीए के जोनल अधिकारी धीरज सिंह, एमडीए व पुलिस टीम के साथ होटल दोआब विलास का मुख्य द्वार सील करने पहुंचे। लेकिन वहां ज्ञानेंद्र व सचिन के परिजनों के साथ पहले से मौजूद भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी गिनती के थे और वे भी पीछे हट रहे थे। माहौल बिगड़ता देख टीम ने होटल के साइड में बड़े हॉल में ही औपचारिक सील लगा दी।
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यह भी पढ़ें: बड़ी कार्रवाई: मेरठ-दिल्ली हाईवे पर बना ये आलीशान होटल होगा जमींदोज, एमडीएम ने 7 दिन में मांगा जवाब

शाम को फिर पहुंची टीम
राज्यपाल जैसे ही दिल्ली रवाना हुईं, वैसे ही अधिकारियों की फिर से बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि पुलिस फोर्स के साथ जाकर दोबारा सील लगाई जाए। इस पर फिर से एमडीए टीम और मजिस्ट्रेट होटल दोआब विलास पहुंचे। लेकिन टीम को देख फिर से हंगामा शुरू हो गया। जिस पर एसडीएम सदर सुनीता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडे भी वज्र वाहन सहित परतापुर, जानी और टीपीनगर पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान दोनों तरफ से काफी देर तक बहस हुई। ज्ञानेंद्र चौधरी की पत्नी ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने की बात कही। इस पर टीम एक दिन का समय देकर वापस लौट आई। 

सचिव के सामने रखेंगे पक्ष
ज्ञानेंद्र के परिजनों ने एमडीए व प्रशासन के अफसरों से होटल में बात की। मीडिया को अंदर जाने से रोका गया। एमडीए के जोनल अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि होटल मालिक के परिजनों ने दो दिन का समय मांगा है। कहा है कि वह उपाध्यक्ष या सचिव के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
 
उपश्रमायुक्त ने भेजा नोटिस
उपश्रमायुक्त दीप्तिमान भट्ट ने होटल दोआब को 17 लाख रुपये का लेबर सेस नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि उपकर निर्धारण कार्रवाई में नोटिस देने के बावजूद होटल मालिक उपस्थित नहीं हो रहे थे। उप्र भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार सेस अधिनियम के अंतर्गत निर्माण कार्यों पर एक प्रतिशत की दर से सेस जमा करने का प्रावधान है।

हाईकोर्ट से स्टे की होती रही चर्चा
होटल दोआब विलास पर चल रही कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में होटल मालिकों द्वारा रिट दायर की हुई है। इस पर सोमवार को सुनवाई थी। दिन भर चर्चा रही कि हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। लेकिन शाम तक कोई भी पक्ष स्टे की अधिकारिक पुष्टि नहीं कर सका। 

अर्जी पर सुनवाई 9 को 
भूमाफिया ज्ञानेंद्र चौधरी और सचिन चौधरी की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवायी के लिए अदालत ने नौ अक्तूबर की तारीख नियत की है। एनएच-58 पर स्थित ग्राम डुंगरावली में दोआब विलास होटल के मालिक ज्ञानेंद्र और सचिन द्वारा सरकारी नाले की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में प्रशासन ने इन्हें भूमाफिया घोषित कर दिया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों आरोपियों की तरफ से न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दी गयी थी। बीते गुरुवार को इस मामले की सुनवायी एडीजे कोर्ट संख्या-1 गुरप्रीत सिंह बावा के न्यायालय में की गई थी। पुलिस रिपोर्ट न आने के कारण सुनवायी नहीं हो सकी थी। इसके बाद सोमवार को भी सुनवायी नहीं हो पायी।

पक्ष जानकर करेंगे कार्रवाई
होटल के साइड के प्रवेश द्वार के हॉल को सील कर दिया है। किचन व होटल का मुख्य गेट सील नहीं हो पाया। अब डीएम और एमडीए सचिव के सामने होटल मालिक के परिजन पक्ष रखेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। - धीरज सिंह, जोनल अधिकारी

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