लोकसभा चुनाव 2019 से पहले एक्शन मूड में मायावती, युवाओं को देंगी बड़ी जिम्मेदारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद शुरू कर दी है। मंडल के छह जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम मांगे गए हैं। दरअसल इरादा वेस्ट यूपी में नई और युवाओं की ऊर्जावान टीम खड़ी करने का है। मेरठ मंडल के लिए 15 फरवरी को कोऑर्डिनेटर तथा अन्य पदों पर नए नामों की घोषणा हो सकती है।
बूथ कमेटियों को भंग करने के बाद मायावती ने पहले मुख्य संगठन को और मजबूत करने की तैयारी की है। इसके लिए दिल्ली में बैठक कर पार्टी के सभी बड़े पदाधिकारियों को हिदायत दी है। सभी मंडलों से कार्यकर्ताओं के नाम मांगे गए हैं। इरादा यह है कि उन पदाधिकारियों को आगे लाया जाए, जो युवा हैं। हालांकि मंडल स्तर से दो चरण में नाम भेजे गए हैं जिनमें युवा और पुराने सभी कार्यकर्ताओं का ब्यौरा भेजा गया है। माना जा रहा है कि मंडल पर काम कर रहे जोन कोऑर्डिनेटरों में भी बदलाव हो सकता है। फिलहाल पार्टी तीन जोन कोऑर्डिनेटरों फार्मूले पर काम कर रही है। नाम भले ही जोन कोऑर्डिनेटर दिया गया है। लेकिन उन्हें जिलों पर ही लगाया गया है।
मेरठ में 15 को घोषणा
मेरठ पार्टी कार्यालय पर 15 फरवरी को मंडल के छह जिलों की बैठक बुलाई गई है। पार्टी के वेस्ट यूपी प्रभारी शमशुद्दीन राइन कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली नई जिम्मेदारियों की घोषणा कर सकते हैं।
पढ़ें : लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भाजपा का वेस्ट में जातीय फार्मूला
कास्ट केमिस्ट्री का लगेगा फार्मूला
संगठन विस्तार में बसपा अपने पुराने कास्ट केमिस्ट्री फार्मूले पर काम करेगी। चूंकि भाईचारा कमेटियों का गठन नहीं हो सकता है तो ऐसे में बूथ कमेटियों के सहारे ही संगठन का ढांचा मजबूत करने की कवायद होगी। देखा यह जा रहा है कि विधानसभा क्षेत्र में भी किस जाति का आधार मजबूत है। उसी आधार पर नई टीम का गठन होगा। कैडर बेस्ड वोटर को ध्यान में रखते हुए भी पार्टी काम कर रही है। दलितों को साधने के लिए प्रत्येक एक कोऑर्डिनेटर के साथ अनुसूचित जाति कोऑर्डिनेटर तो रहेगा ही। इसके साथ, गुर्जर, मुस्लिम, जाट आदि का समन्वय रहेगा।
जिला प्रभारी पद होगा खत्म
लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बसपा बड़ा फेरबदल यह करने जा रहा है कि जिला प्रभारी पद समाप्त होगा। बैठक में बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रभारी नहीं बनेंगे। जो हैं उन्हें हटाकर पूरा फोकस विधानसभा पर होगा। विस प्रभारी ही बनेंगे ताकि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में शामिल विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों की अलग अलग जिम्मेदारी तय की जा सकें।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/