फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Maternity Vandana Scheme falling prey to the arbitrariness of hopes

आशाओं की मनमानी का शिकार हो रही मातृत्व वंदना योजना

Mon, 28 Dec 2020 02:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 02:08 AM IST
विज्ञापन
Maternity Vandana Scheme falling prey to the arbitrariness of hopes
सब हेड
विज्ञापन

सुविधा शुल्क के चक्कर में बेटियां कन्या सुमंगला योजना के लाभ से वंचित
गौरव शर्मा
मेरठ। जिले में मातृत्व वंदना और कन्या सुमंगला योजना आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मनमानी से दम तोड़ रही है। पिछले तीन माह में 41 फीसदी गर्भवती तो 31 फीसदी बेटियां ही योजनाओं से लाभान्वित हो पाई हैं।
काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई और गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में 5000 हजार रुपये दिए जाते है। योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं की है। पंजीकरण के लिए आशाएं गर्भवती महिलाओं से सुविधा शुल्क मांगती हैं। सुविधा शुल्क नहीं देने पर पंजीकरण नहीं किया जाता है। नतीजा, तीन माह में कुल पंजीकरण 3105 में से 1270 महिलाओं को ही एक हजार रुपये की पहली किस्त मिली है।
विज्ञापन

दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों की शिक्षा और उनके अच्छे भविष्य के लिए चलाई जाने वाली कन्या सुमंगला योजना की स्थिति भी दयनीय है। जिले में अब तक 9,820 बेटियों के आवेदन आए हैं जिनमें से 4,196 जांच के बाद सही पाए गए और इनमें से 3,114 बेटियों को ही पहली किस्त का लाभ मिल सका है। इस योजना में सरकार द्वारा बेटियों को 15 हजार रुपये छह किस्तों में दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
अधिकतर को नहीं मिल पाती तीसरी किस्त
सुविधा शुल्क की मांग के चलते अधिकतर गर्भवती महिलाओं को तीसरी किस्त से वंचित रहना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2017 से दिसंबर 2020 तक 47,138 महिलाओं को पंजीकृत किया गया। इनमें से 41,903 महिलाओं को पहली, 42,515 को दूसरी और 27,142 महिलाओं को ही तीसरी किस्त का लाभ मिला है।

--केस स्टडी---
नहीं मिला लाभ
कन्या सुमंगला योजना के तहत दो बेटियों के लिए आवेदन किया था। कई बार अधिकारियों के पास भी गए लेकिन इसका कोई भी नतीजा नहीं निकला।
- पुष्पा देवी, निवासी कांशीराम कॉलोनी
--
नहीं हुआ पंजीकरण
24 नवंबर को बेटा हुआ है। मातृत्व वंदना योजना के तहत उनका पंजीकरण नहीं किया गया जिसके चलते उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला।
- ममता जोशी, शास्त्री नगर
---कोट---
सीधे खाते में जाती है धनराशि
योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं को सरकार की तरफ से ही धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। जिला स्तर पर आवेदनों की जांच कर आगे भेज दिया जाता है।
- पूजा शर्मा, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed