मेरठ के दौराला क्षेत्र में मटौर स्थित पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया की कॉलोनी का माहौल रोजाना से अलग था। कॉलोनी में रहने वाले और पावर ग्रिड में कार्यरत शिव गोविंद सिंह के बेटे श्रेयांश कश्यप ने यहां कई साल गुजारे थे। श्रेयांश यहीं रहकर पढ़े थे। कॉलोनी के लोग श्रेयांश के साथ उसकी शहादत को भी याद कर रहे थे।
आखिरी सलाम: शहीद कैप्टन बेटे को मुखाग्नि देकर बिलख पड़े पिता, हाथ में तस्वीर लेकर रोते रहे भाई-बहन, तस्वीरें
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इस दौरान ब्रिगेडियर अर्जुन राठौर, कमांडिंग ऑफिसर पूरण चंद राव, मेजर आशीष सहरावत, मेजर गुलशन गुप्ता और नायब सूबेदार पाला सिंह के नेतृत्व में कैप्टन श्रेयांश को सलामी और गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कैप्टन श्रेयांश कश्यप उत्तरी सिक्किम में 15 हजार फीट ऊंची चोटी पर तैनात थे।
बताया गया कि ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया और 28 मई की रात 10:18 बजे उनकी सांसें हमेशा के लिए बंद हो गईं। इस समय अरुणाचल प्रदेश में तैनात उनके पिता शिव गोविंद सिंह शनिवार रात 11 बजे बेटे का शव लेकर घर पहुंचे थे।
मुखाग्नि देने के बाद बिलख पड़े पिता
पिता शिव गोविंद ने शहीद बेटे को मुखाग्नि दी। सूबेदार पंडित लक्ष्मीकांत तिवारी, नायब सूबेदार उत्तम, अखिल, सूबेदार अमरदीप सिंह ने विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया। मुखाग्नि के दौरान पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। लोगों ने उन्हें संभाला पर वह बिलख पड़े। उन्हें उस बेटे को मुखाग्नि देनी पड़ी, जो उनका दोस्त था... दाहिना हाथ था। भाई शिवांश व बहन सृष्टि हाथों में भाई की तस्वीर लेकर रो रहे थे। ग्रामीण उन्हें सांत्वना दे रहे थे।
जनप्रतिनिधियों ने भी सांत्वना दी
देर शाम शहीद कैप्टन के परिवार को सांत्वना देने जनप्रतिनिधि पहुंचे। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल, बैंक संचालक मदनपाल सिंह, डॉ. ओपी तोमर, राजेश सोम, उत्तर रेलवे बोर्ड सदस्य ऋषि पाल सिंह नैन, डायरेक्टर केंद्रीय उपभोक्ता भंडार सुबोध पिलौना ने परिजनों को ढाढस बंधाया।