सरकारी आवास दिलाने के नाम पर लाखों ठगे, आरोपी दबोचा, पीड़ित ने थाने मे किया हंगामा
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मेरठ में आवासीय योजना में घर दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी को कोतवाली पुलिस ने दबोचा है। इसकी जानकारी होने पर ठगी के शिकार लोगों थाने पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस के अनुसार, कोतवाली निवासी एक युवती ने 9 सितंबर को इस्लामाबाद निवासी राशिद, नदीम, साजिद सहित कुल आठ लोगों पर ठगी का मुकदमा कराया था।
सूचना के आधार पर राशिद पुत्र नसीरूद्दीन को गिरफ्तार किया। राशिद की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही पीड़ित थाने पहुंचने लगे। इंस्पेक्टर कोतवाली देवेश शर्मा ने कुछ पीड़ितों से पूछताछ की। लोगों ने बताया कि राशिद ने आवास दिलाने का झांसा देकर ठगी की है। वह गिरोह चलाता है। इसमें दो महिलाओं समेत कई शामिल हैं।
योजना की आड़ में ठगी
थाने पहुंचे अधिकांश पीड़ितों के हाथ में जिला नगरीय अभिकरण (डूडा) की एक गुलाबी रसीद थी। उन्होंने बताया कि राशिद ने दो साल पहले ठगी का जाल बिछाया। वह घर दिलाने की आड़ में 60 से 80 हजार रुपये वसूलता था। कई ने तो छह से आठ घर खरीदने के लिए रुपया दिया था। कुछ लोगों ने नकद तो कुछ ने एकाउंट से रुपया ट्रांसफर किया था।
डूडा से जुड़े हैं तार
पीड़ितों के पास मिले कागजातों में परियोजना अधिकारी से लेकर नगरायुक्त/परियोजना निदेशक तक के हस्ताक्षर थे। आवंटन पत्र भी नोटरी के साथ उपलब्ध कराए गए थे। लोगों ने खुलासा किया कि फार्म भरने से पहले उन्हें लोहियानगर में फ्लैट दिखाए गए।
आवंटन पत्र कचहरी से उपलब्ध कराया गया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि कहीं न कहीं डूडा से जुड़ा कोई कर्मचारी भी इस धंधे का हिस्सा है। पीड़ितों का कहना है कि गिरोह में राशिद की पत्नी भी सक्रिय है।
नौ सितंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें राशिद वांछित था। उसी मुकदमे में गिरफ्तारी की गई है। पीड़ितों ने कई थानों में मुकदमे दर्ज कराए है। - देवेश शर्मा, इंस्पेक्टर कोतवाली