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बाढ़ से संपर्क मार्गों और फसलों को बड़ा नुकसान
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मनोहरपुर गंगा घाट पर गंगा का पानी स्रोत संवाद
हस्तीनापुर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण करीब एक सप्ताह पूर्व खादर क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण फसलों से लेकर संपर्क मार्ग तक पूरी तरह तहस-नहस हो गए। इन पर चलना अब ग्रामीणों के लिए किसी बड़े परेशानी से कम नहीं है। वहीं फसलों के नष्ट होने से आर्थिक स्थिति का भी संकट अब गहरा गया है।
खादर क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व आई बाढ़ के कारण खादर क्षेत्र के लोगों को पानी उतरने के बाद अब बाढ़ से हुआ नुकसान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इन पर चलना अब किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से खादर क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी है। करीब एक सप्ताह से खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी खेतों में भरा हुआ है। दर्जनों गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं। पिछले दो दिनों से पानी कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष को बताया कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर 1.60 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। इस बाढ़ ने खादर क्षेत्र के किसानों की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा।
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फसलों का दिया जाए मुआवजा
बाढ़ के बाद अब खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की मुआवजे की मांग तेज होती जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ में नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग की है। कुछ किसानों का कहना है कि 2023 में भी गंगा का तटबंध टूट गया था और खादर क्षेत्र में बाढ़ आई थी जिसका आज तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। अधिकारियों ने भी सुनवाई नहीं की।
चारे के लिए जान जोखिम में डाल रहे किसान
गंगा का जलस्तर कम होने से भले ही खादर क्षेत्र के लोग राहत महसूस कर रहे हों परंतु अभी भी कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरा हुआ है। खेतों में कई फीट पानी होने से उन्हें पशुओं का चारा जुटाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
गंगा के कटान से चार खंभे टूटे
बाढ़ का पानी कम होने पर खादर क्षेत्र में गंगा ने कटान शुरू कर दिया है। बस्तौरा नारंग में गंगा किनारे खड़े चार खंभे कटान के कारण गिरने की वजह से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीण इंद्रजीत सिंह जयंत ने बताया कि गंगा में विद्युत लाइन का कटान होने से चार गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। इसमें बस्तौरा नारंग, मखदूमपुर, किशोरपुर, जलालपुर जोरा शामिल है। मंगलवार को ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति को ठीक करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की परंतु शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
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खादर क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व आई बाढ़ के कारण खादर क्षेत्र के लोगों को पानी उतरने के बाद अब बाढ़ से हुआ नुकसान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इन पर चलना अब किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से खादर क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी है। करीब एक सप्ताह से खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी खेतों में भरा हुआ है। दर्जनों गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं। पिछले दो दिनों से पानी कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
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बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष को बताया कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर 1.60 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। इस बाढ़ ने खादर क्षेत्र के किसानों की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा।
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फसलों का दिया जाए मुआवजा
बाढ़ के बाद अब खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की मुआवजे की मांग तेज होती जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ में नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग की है। कुछ किसानों का कहना है कि 2023 में भी गंगा का तटबंध टूट गया था और खादर क्षेत्र में बाढ़ आई थी जिसका आज तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। अधिकारियों ने भी सुनवाई नहीं की।
चारे के लिए जान जोखिम में डाल रहे किसान
गंगा का जलस्तर कम होने से भले ही खादर क्षेत्र के लोग राहत महसूस कर रहे हों परंतु अभी भी कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरा हुआ है। खेतों में कई फीट पानी होने से उन्हें पशुओं का चारा जुटाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
गंगा के कटान से चार खंभे टूटे
बाढ़ का पानी कम होने पर खादर क्षेत्र में गंगा ने कटान शुरू कर दिया है। बस्तौरा नारंग में गंगा किनारे खड़े चार खंभे कटान के कारण गिरने की वजह से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीण इंद्रजीत सिंह जयंत ने बताया कि गंगा में विद्युत लाइन का कटान होने से चार गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। इसमें बस्तौरा नारंग, मखदूमपुर, किशोरपुर, जलालपुर जोरा शामिल है। मंगलवार को ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति को ठीक करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की परंतु शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।

मनोहरपुर गंगा घाट पर गंगा का पानी स्रोत संवाद