मां तुझे प्रणाम: जो देश पर कुर्बान हुए...उनकी वीरांगनाओं का अमर उजाला ने किया सम्मान, जज्बे को किया नमन
Maa Tujhe Pranaam: किसी ने पिता तो किसी ने बेटा, पत्नी ने पति और बहन ने भाई खो दिए। ऐसी वीर नारियों के जज्बे को पूरा देश प्रणाम करता है।
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भारत मां के सम्मान और रक्षा के लिए जिन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया और देश के लिए शहीद हो गए। ऐसे हजारों अमर वीर शहीदों के परिवारों ने बड़ा बलिदान दिया। किसी ने पिता तो किसी ने बेटा, पत्नी ने पति और बहन ने भाई खो दिए। ऐसी वीर नारियों के जज्बे को पूरा देश प्रणाम करता है। ऐसी ही वीर नारियों के सम्मान में वीरांगना सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अमर उजाला, केएल इंटर इंटरनेशनल स्कूल और जेपी ग्रुप द्वारा प्रस्तुत मां तुझे प्रणाम अभिनव अभियान के अंतर्गत आयोजित वीरांगना सम्मान कार्यक्रम जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र कचहरी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी दीपक मीणा और विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर रणवीर सिंह (एवीएसएफ वीर चक्र), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन राकेश शुक्ला, कर्नल वेटर्न सतेंद्र सिंह ने किया।
भव्य सम्मान समारोह में आजादी के बाद और पूर्व की वीरांगनाएं शामिल हुईं। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों के साथ सत्यकाम स्कूल के चेयरमैन अनुज शर्मा, मायरा फाउंडेशन से डॉ. पूजा चौधरी, समाजसेवी पिंकी चिन्योटी, समाजसेवी आलोक गोतम का पौधा देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के आह्वान पर मेरी मिट्टी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत वीर नारी थैली में अपने घरों की मिट्टी लेकर पहुंचीं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन राकेश शुक्ला ने बताया कि मिट्टी दिल्ली जाएगी। समाजसेवी पिंकी चिन्योटी ने कहा कि वीर नारियों को झांसी की रानी कहकर संबोधित किया। वीर नारियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसे वीरों का परिवार है, जिनके वीर सपूतों ने देश की आन, बान और शान को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
समाजसेवी आलोक गौतम ने कहा कि पूरा देश इन वीर नारियों का ऋणी है। यह वीर नारी आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। कार्यक्रम में हाईलुक एलिवेटर्स के एमडी नंदा कुमार, मयंक अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रत्येक जिला पंचायत में लगेंगे शिलापट : जिलाधिकारी
मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में प्रत्येक वीर नारी के घर से मिट्टी एकत्रित की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जिला पंचायत में शिलापट लगाए जाएंगे। इन शिलापटों पर उस क्षेत्र में शहीद सेना के वीर, आर्मड फोर्स, प्रदेश पुलिस और फोर्स के शहीदों के नाम लिखे जाएंगे। यह शिलापट आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे। बॉर्डर पर हमारे सैनिक तैनात हैं, इसलिए हम स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं। जिले में दूसरी बार अमर उजाला के इस अभिनव अभियान में शामिल हुआ हूं। - दीपक मीणा, जिलाधिकारी, मेरठ
अमर उजाला का प्रयास सराहनीय
बॉर्डर पर हमने अपने साथियों को मरते और मारते हुए देखा है। शहीदों के परिवारों की तकलीफ हम समझते हैं। उनके सम्मान के लिए इस तरह के आयोजनों का होना बहुत आवश्यक है। इस तरह के आयोजनों से सभी प्रेरणा मिलती है। अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। अमर उजाला नियमित रूप से इस तरह के आयोजन करता है। - ब्रिगेडियर रणवीर सिंह (एवीएसएफ वीर चक्र)
जिंदगी के साथ भी और बाद भी
वीर नारियों के साथ सेना सदा खड़ी है। हम जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी आपके साथ हैं। देश के ऊपर शहीद होने वालों पर हम सभी को गर्व है। इस वर्ष मैं मेरठ से ही सेवानिवृत्त हो रहा हूं। कार्यक्रम में शामिल हुई सभी वीर नारियों के हम आभारी है। - सतेंद्र सिंह, कर्नल
इन वीर नारियों का हुआ सम्मान
मंजू कौशिक, जैतून, सुरजमुखी, शशि नैयर, कविता देवी, पिता गोविंद सिंह, पिता महिपाल सिंह, पिता किशनपाल त्यागी, प्रभा देवी, सविता देवी, बबीता देवी, अबरीशा खातून, रेखा देवी, भगवती देवी, सतपालो, सरदारी, इलाम कौर, इक्तयारी, विमलेश, लोकेश देवी, रीना, बाला देवी, मुनेश, सोनिया, प्रियंका, पूजा, मीनू वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
यह बोलीं वीर नारी
मरणोपरांत पति को मिला शौर्य चक्र
नायक अनिल कुमार 16 जाट में कार्यरत थे। 2003 में कुपवाड़ा गुरेज में मुठभेड़ में शहीद हुए। बड़ा बेटा विख्यात चौधरी फौज में जाना चाहता था लेकिन, किन्हीं करणों से नहीं जा पाया। फौज के प्रति पूरे परिवार में बहुत सम्मान है। - सविता देवी, निवासी परतापुर
टाईगर हिल पर 65 दुश्मनों को मारा
कारगिल युद्ध हवलदार यशवीर सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यशवीर ने 65 दुश्मनों को हैंड ग्रेनेड फेकर ढेर कर दिया। खड़ी चढ़ाई कर टाइगर हिल की खड़ी चोटी पर पहुंचे। इस घटना पर कई बॉलीवुड फिल्म भी बनी हैं। - मुनेश देवी निवासी रोहटा रोड
बेटे ने पिता की जागह फौज ज्वाइन की
भारत की फौज को वर्ष 2010 में शांति मिशन पर साऊथ अफ्रीका भेजा गया था। इसमें 19 कुमाऊं में तैनात हवलदार ओमकार भी थे। आदिवासियों के हमले में ओमकार शहीद हो गए। बेटे अमित कुमार ने वर्ष 2013 में फौज ज्वाइन की। - बाला देवी निवासी रुड़की रोड
मरणोपरांत पति को मिला कीर्ति चक्र
अजेर अली 104 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैयात थे। 1987 में लेह लद्दाख में बर्फ हवटाने का कार्य कर रहे थे। इस बीच बर्फ का पहाड़ खिसकने से उनकी मृत्यु हो गई। - अबरिशा खातून निवासी शोभापुर
बेटी ने लिया प्रण, करेगी सेना ज्वाइन
143 आरटी मीडियम रेजीमेंट में तैनात सूबेदार विरेंद्र कुमार सिचाचिन में ऑपरेशन मेघदूत मिशन पर गए थे। ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी के कारण उन्होंने वीर गति को प्राप्त किया। 17 वर्ष की बेटी कृष्णा पब्लिक स्कूल कंकरखेड़ा में पढ़ रही है। अब वह एनडीए कर सेना ज्वाइन करना चाहती है। - रीना निवासी रोहटा रोड
पिता की तरह बेटा भी बनना चाहता है आर्मी अफसर
कंकरखेड़ा निवासी राहुल गौरव एपीएस रिकॉर्ड में कार्यरत थे। अरुणांचल प्रदेश में सात अक्तूबर 2020 में वह गोलाबारी में शहीद हो गए। शहीद का बेटा देवांक सिंह आर्मी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है। बेटे की बचपन से ही यह इच्छा है कि वह सेना में आर्मी अफसर बने। - सोनिया सिंह, निवासी कंकरखेड़ा