फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Lost in the election, reached the court and won after five years

Nikay Chunav 2023 : चुनाव में हारा, कोर्ट पहुंचा तो पांच साल बाद मिली जीत, फैसले में देरी से नहीं मिली कुर्सी

Sat, 15 Apr 2023 02:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Sat, 15 Apr 2023 02:52 AM IST
सार

Nikay Chunav 2023: दौराला नगर पंचायत को वर्ष 1988 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था और पहली बार निकाय चुनाव हुए, लेकिन विवाद के कारण मामला कोर्ट में पहुंच गया। पांच साल तक कोर्ट में सुनवाई चली। फैसला आया तो उप विजेता रहे प्रत्याशी नगर पंचायत के पहले चेयरमैन बनने से वंछित रहे गए।

विज्ञापन
Lost in the election, reached the court and won after five years
नगर पंचायत दौराला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दौराला नगर पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद पहली बार 1988 में निकाय चुनाव हुए लेकिन पहला ही चुनाव विवादों के घेरे में रहा और उप विजेता ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट में लगातार पांच साल पैरवी करने के बाद फैसला उनके पक्ष में आया। देरी से आए फैसले के कारण उपविजेता पहला चेयरमैन बनने से वंचित रह गए।
विज्ञापन

दौराला गांव को चरण सिंह की चक्की से लेकर काला महादेव तक सन् 1988 में नगर पंचायत का दर्जा मिला। निकाय चुनाव हुए और चौधरी रघुराज सिंह व ओमबीर पधान आमने सामने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़े। इस चुनाव में चौधरी रघुराज सिंह को विजेता घोषित किया गया। इसके खिलाफ ओमबीर ने मतगणना सही तरीके से न करने का आरोप लगाते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर की। चौधरी रघुराज सिंह ने भी पैरवी के लिए अपना वकील खड़ा किया। लगातार पांच साल तक इस केस पर कोर्ट में सुनवाई हुई।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Nikay Chunav 2023: मेरठ के दौराला में 21 साल तक अध्यक्ष व प्रधान संभालते रहे आधे-आधे हिस्से की जिम्मेदारी
विज्ञापन
विज्ञापन

दोबारा मतगणना में 110 वोट से जीते थे ओमबीर
कोर्ट में पांच साल तक सुनवाई के बाद दोबारा मतगणना के आदेश जारी किए गए। कोर्ट के आदेश पर हुई दोबारा मतगणना में ओमबीर 110 वोटों से विजयी हुए। कोर्ट ने ओमबीर पधान के पक्ष में फैसला तो सुना दिया लेकिन तब तक दौराला नगर पंचायत का पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा हो चुका था और अगले चुनाव के लिए आचार संहिता भी लगा दी गई थी।

कोर्ट का फैसला आने से पहले ही चेयरमैन का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण प्रशासक तैनात किए जा चुके थे। जिसकारण दौराला का पहला चेयरमैन बनने की ओमबीर पधान की उम्मीद टूट गई जबकि चौधरी रघुराज सिंह ने दौराला नगर पंचायत के पहले चेयरमैन का अपना कार्यकाल पूरा किया।

देरी से आया फैसला
कोर्ट का फैसला उनके पिता के हक में आया था लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका था और अगले चुनाव के लिए आचार संहिता लग गई थी। यहीं कारण रहा कि उनके पिता कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके। कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आने के बाद भी उनके पिता अध्यक्ष नहीं बन पाए।
संजय पधान, स्व. ओमबीर पधान के बेटे

कार्यकाल हो चुका था पूरा
ओमबीर ने वार्डो में एक व्यक्ति की दो-दो वोट होने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। कार्यकाल पूरा हो गया था और प्रशासक तैनात कर दिए गए थे। बाद में ओमबीर के पक्ष में कोर्ट का फैसला आया। -चौधरी रघुराज सिंह, पूर्व चेयरमैन दौराला

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed