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Nikay Chunav 2023: मेरठ के दौराला में 21 साल तक अध्यक्ष व प्रधान संभालते रहे आधे-आधे हिस्से की जिम्मेदारी

Thu, 13 Apr 2023 12:09 PM IST
Dimple Sirohi शरद गुप्ता, अमर उजाला, दौराला/मेरठ
शरद गुप्ता, अमर उजाला, दौराला/मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 13 Apr 2023 12:09 PM IST
सार

 1989 में दौराला कोनगर पंचायत का दर्जा मिला था। आधा हिस्सा ग्राम पंचायत में ही शामिल रहा । 2010 में पूरी तरह दौराला को नगर पंचायत का दर्जा मिला। साल 2012 में हुए निकाय चुनाव में एससी महिला सीट पर पिंकी चौधरी पूरे कस्बे की पहली अध्यक्ष बनी थी।
 

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Nikay Chunav 2023: President and Pradhan were handling the seat for 21 years In Daurala Meerut
नगर पंचायत दौराला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ जिले में दौराला नगर पंचायत की एक मात्र सीट ऐसी थी। जहां, कभी अध्यक्ष और ग्राम प्रधान दोनों के चुनाव हुआ करते थे। चीनी मिल से टैक्स का विवाद होने के चलते 34 साल पहले दौराला गांव को नगर पंचायत का दर्जा तो मिला। लेकिन, बाजार के हिस्से को ग्राम पंचायत में ही रखा गया। लगभग 12 साल पहले इस हिस्से को नगर पंचायत में शामिल किया गया।
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सन 1989 में दौराला गांव को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ था। पहली बार जाट बिरादर से चौधरी रघुराज सिंह यहां चेयरमैन बने। परंतु, दौराला में प्रधानी का चुनाव निरंतर होता रहा। मेरठ जिले में दौराला एक मात्र ऐसी नगर पंचायत रही जहां अध्यक्ष व ग्राम प्रधान आधे-आधे एरिया के मुखिया हुआ करते थे।
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दरअसल, चीनी मिल से टैक्स को लेकर नगर पंचायत का विवाद रहा। जिस, कारण चरण सिंह की चक्की से लेकर सीएचसी  दौराला तक का हिस्सा ग्राम पंचायत  और चरण सिंह चक्की से लेकर काला महादेव मंदिर तक के हिस्से को नगर पंचायत में शामिल किया गया।
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दो दशक तक दौराला ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में शामिल कराने के लिए ग्राम पंचायत के निवासियों ने मांग उठाई। परंतु, हर बार टैक्स का विवाद सामने आ जाता था। यहीं, कारण रहा कि आधे क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हुए और आधे क्षेत्र में धीमी गति से कार्य हुए। 2007 के निकाय चुनाव में दौराला नगर पंचायत से आशु वाल्मीकि अध्यक्ष बने। जबकि, 2010 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दौराला ग्राम पंचायत से ब्रहम सिंह प्रधान बने। परंतु, ब्रहम सिंह कुछ माह ही प्रधान की जिम्मेदारी संभाल सके।

चीनी मिल से विवाद समाप्त होने के बाद दौराला ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया और आशु वाल्मीकि को ही जिम्मेदारी सौंपी गई। यह तीसरी बार है जब चरण सिंह की चक्की से लेकर सीएचसी दौराला तक के एरिया में अध्यक्ष पद के लिए मतदाता मतदान करेंगे। निवर्तमान चेयरपर्सन पति नवीन शर्मा बताते है जहां उनका आवास है वह ग्राम पंचायत में आता था। वह ग्राम पंचायत के चुनाव में मतदान किया करते थे। 12 साल पहले इस हिस्से को नगर पंचायत में शामिल किया गया।

पिंकी चौधरी बनी थी पूरे कस्बे की पहली अध्यक्ष
2010 में ग्राम पंचायत दौराला को भी दौराला नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया। इससे पहले जिले में दौराला नगर पंचायत दो भागों में बाट दिए जाने के कारण छोटी नगर पंचायतों में शामिल रही। साल 2012 में हुए निकाय चुनाव में एससी महिला सीट पर पिंकी चौधरी पूरे कस्बे की पहली अध्यक्ष बनी थी। इससे पहले आधे-आधे हिस्से की अध्यक्ष व प्रधान जिम्मेदारी संभालते रहे। साल 2017 में रीमा शर्मा ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता। अभी तक पूरे कस्बे की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में ही रही है।

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