लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा जीत के लिए इस खास टोटके पर करती है विश्वास, मेरठ से है नाता
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आगामी चुनाव के लिए भाजपा यूपी में लोकसभा चुनाव का शंखनाद इस बार भी मेरठ से करने जा रही है। पहले चरण के लिए होने वाले मतदान के लिए आठ लोकसभा क्षेत्रों की संयुक्त रैली मेरठ में आयोजित होगी। इसके लिए जहां मेरठ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है वहीं क्षेत्रीय टीम सक्रिय हो गई हैं।
माना जा रहा है कि भाजपा एक खास टोटके की वजह से यूपी के मेरठ से चुनावी शंखनाद करना चाहती है। आगे जानें आखिर क्या है इसके पीछे की वजह: -
पार्टी सूत्रों के अनुसार 28 मार्च के बाद कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का कार्यक्रम यूपी के मेरठ में तय किया जा सकता है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं।
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव का उत्तर प्रदेश में आगाज मेरठ से ही किया था। हालांकि उस चुनावी रैली में तब तक न तो चुनाव आचार संहिता लगी थी और न ही प्रत्याशी तय हुए थे।
2 फरवरी 2014 को मोदी की रैली शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज के सामने बड़े मैदान में हुई थी। इस रैली में मोदी ऐसा जोश भर गए थे कि पश्चिमी क्षेत्र में पूरा चुनावी माहौल ही मोदीमय हो गया था।
इसके बाद 4 फरवरी 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी मैदान से यूपी के विधानसभा चुनाव का आगाज किया। यह रैली भी पश्चिमी क्षेत्र की रैली थी।
शताब्दीनगर के इस मैदान में हुई दोनों रैली जहां पूरी तरह कामयाब रहीं तभी से भाजपा समर्थकों के बीच यह भी टोटका बन गया कि इस मैदान पर रैली सफल होने के साथ ही चुनावी माहौल भी भाजपा के पक्ष में पूरी तरह बना। ऐसे में अब एक बार फिर से इसी मैदान पर चुनावी रैली कराने की तैयारी भाजपाई कर रहे हैं।
ये भी है कारण
पहले चरण में मेरठ सहित सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, कैराना, बागपत, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद सीट पर चुनाव होना है। इसमें एनएच-58 से होते हुए गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत के अलावा मुजफ्फरनगर, कैराना और सहारनपुर के कार्यकर्ता भी आसानी से आ सकते हैं। सिर्फ मेरठ और बिजनौर के कार्यकर्ताओं को मेरठ शहर के भीतर से इस रैली में आना पड़ेगा। जिससे शहर के लोगों को भी ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।