फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Lok sabha Elections 2019: Amit Shah rally in western up says says Hindus can never be terrorists

अमित शाह बोले- हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता, राहुल गांधी माफी मांगें

Sun, 31 Mar 2019 02:31 PM IST
विवेक शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: विवेक शुक्ला Updated Sun, 31 Mar 2019 02:31 PM IST
विज्ञापन
Lok sabha Elections 2019: Amit Shah rally in western up says says Hindus can never be terrorists
अमित शाह - फोटो : ANI

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रविवार को यूपी के बिजनौर जनपद में चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। यहां धामपुर के केएम इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित चुनावी विजय संकल्प जनसभा में उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। हिंदू आतंकवाद के मुद्दे पर भी उन्होंने राहुल गांधी को घेरा।

विज्ञापन

इस दौरान अमित शाह ने मतदाताओं से भारी संख्या में भाजपा के लिए मतदान करने की अपील की। उन्होंने राहुल गांधी के दो जगहों से चुनाव लड़ने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अमेठी में हार के डर से राहुल गांधी केरल भागे हैं।
विज्ञापन



             
 


शाह ने कांग्रेस और राहुल पर हमला करते हुए कहा कि हिंदू आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर कांग्रेस ने हिंदुओं को बदनाम करने का काम किया है। कांग्रेस ने आतंकवाद को धर्म से जोड़ा है। हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। हिंदुओं को बदनाम करने के लिए असली गुनहगारों को छोड़कर अब वह केरल भाग रहे हैं। राहुल गांधी ने राजनीति को गंदा किया है। हिंदुओं को बदनाम करने के लिए राहुल गांधी माफी मांगें। 

उन्होंने अखिलेश और मायावती पर भी निशाना साधा और कहा कि पिछले दस साल से एक-दूसरे का मुहं नहीं देखने वाले बुआ-भतीजे मोदी के खिलाफ एक मंच पर आ गए हैं। यूपी में इस बार 72 नहीं बल्कि 74 सीट आएंगी।

उन्होंने भाजपा की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राहुल बाबा की जिस कांग्रेस ने चार पीढ़ियों से कोई काम नहीं किया, आज वे भाजपा से पांच साल का हिसाब मांग रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा को बचाने के लिए कांग्रेस ने हिंदुओं को दुनिया भर में बदनाम करने का काम किया है।

इस जनसभा के बाद अमित शाह ने सीधा बागपत का रुख किया और यहां दोघट क्षेत्र में खुद मतदाताओं को साधने की कवायद की। यहां दोघट के गांधी इंटर कॉलेज में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि हिंदू आतंकवाद की बात करने वाले राहुल बाबा को देश से माफी मांगनी चाहिए। सपा, बसपा और अजित सिंह अगर राहुल और प्रियंका को भी साथ मिला लें तो भी बीजेपी के रथ को नहीं रोक सकते। 

रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह पर निशाना साधते हुए अमित शाह बोले कि इन्हें चौधरी चरण सिंह राजनीति में नहीं लाना चाहते थे। उनके निधन के बाद यह राजनीति में आए, इनका कोई रिकॉर्ड नही है। उन्होंने कहा कि अनुसूति मतदाता मतदान करने के लिए निकलें उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। गन्ना किसानों को आश्वासन दिलाया कि 5 अप्रैल तक 75 फीसदी भुगतान दिलाया जाएगा।

दरअसल, साल 2019 के लोकसभा चुनाव के समीकरण इस तरह बने हैं कि जाट और अनुसूचित वोट बैंक निर्णायक स्थिति में खड़े हो गए हैं। भाजपा भी इससे अंजान नहीं है। यही वजह है कि बागपत में पहली जनसभा के लिए इस बार बड़ौत के बजाए भाजपा ने चौगामा क्षेत्र की जाट बेल्ट के दोघट को चुना है।

चौगामा क्षेत्र की जाट बेल्ट में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद वोटरों को साधने के लिए मैदान में उतरे हैं। वजह है गठबंधन का जातीय समीकरण। भावनाओं के हिलोरों में जाट वोट बैंक डांवाडोल हो रहा है। असल में जाट वोटों के सहारे पिछली बार कमल खिला चुकी भाजपा, एक बार फिर इतिहास दोहरानी चाहती है। यही वजह है कि रालोद के सबसे सुरक्षित चौगामा क्षेत्र को अमित शाह की जनसभा के लिए चुना गया है।

छपरौली विधानसभा का चौगामा क्षेत्र में 44 गांवों तक फैला हुआ क्षेत्र है। पहले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और उनके बाद रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह दाहा गांव में अपने चुनाव प्रचार की आखिरी सभा करते रहे हैं। इस जाट बेल्ट को रालोद का अभेद्य दुर्ग कहा जाता है।

उधर, पश्चिमी यूपी की नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय संघर्ष है। 2014 में मुस्लिम मतों के बिखराव और मोदी लहर के चलते भाजपा ने यह सीट जीती थी। इस बार आपसी अंतर्कलह ही भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। 

नाराज भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं को मनाने में भाजपा प्रत्याशी डाक्टर यशवंत सिंह जुटे हैं। यहां उनका मुकाबला बसपा प्रत्याशी गिरीशचंद व कांग्रेस प्रत्याशी ओमवती से है। ओमवती कुछ समय पहले ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई है। बसपा प्रत्याशी गिरीश चंद भी दूसरी बार चुनाव मैदान में है। वे पिछले चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे। 

इस बार सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन होने के कारण भी उनके समीकरण मजबूत हुए हैं। ओमवती पूर्व में चार बार विधायक, बसपा सरकार में मंत्री व बिजनौर से सांसद रही है और उनकी क्षेत्र में पकड़ है। नगीना सीट पर अनुसूचित जाति के तीन लाख से ज्यादा, व मुस्लिम छह लाख से ज्यादा हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा स्वर्ण जाति के वोटर हैं। बदले समीकरणों में अति पिछड़ों का रुख काफी अहम हो गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed