चुनाव से पहले पड़ताल: बल्लियों पर लटके बिजली के तार, शहर में भी ऐसा बुरा हाल
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अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के आमिर गार्डन और समर गार्डन इलाके का दौरा किया। कच्ची कालोनी के नाम से जानी जाने वाली इन बस्तियों में बिजली की व्यवस्था बेहद खराब है। बिजली विभाग ने 16 से 20 हजार रुपये प्रति कनेक्शन लेकर बिजली तो दे दी, लेकिन खंभे लगाकर तार नहीं खींचे।
कुछ जगह खंभे लगा भी दिए, वहां लाइन नहीं बनाई गई। कालोनी में बांस-बल्लियों पर केबल खींचे गए हैं। मेन ट्रांसफार्मर से ये केबल आधा किलोमीटर से एक किलोमीटर तक बांस बल्लियों के सहारे ले जाए गए हैं। एक-एक बांस पर 20 से 30 केबल झूल रहे हैं।
बच्चे भी आसानी से छू लेते हैं तार
ये केबल जमीन से चार फीट ऊंचाई पर ही झूल रहे हैं। इन तारों को बच्चे भी आसानी से छू लेते हैं। लोगों का कहना है कि इन तारों में आए दिन न केवल फाल्ट होकर आग लगती है, बल्कि करंट से दुर्घटना भी होती रहती है। बरसात के दिनों में करंट जमीन तक उतर आता है। पिछले दिनों पांच बच्चों की मौत करंट से हो गई थी।
रिश्वत से कनेक्शन
यहां के लोगों ने बताया कि बिजली अधिकारी कालोनी में खंभे और लाइन नहीं होने के नाम पर कनेक्शन देने से मना करते हैं। लेकिन जब मुट्ठी गरम कर देते हैं, तो कनेक्शन दे दिया जाता है। बाह्य विद्युतीकरण योजना के नाम पर 16 से 20 हजार रुपये में प्रति कनेक्शन दिया जा रहा है। बिजली कर्मी मेन लाइन से उपभोक्ता का केबल जोड़ देता है। इसके बाद यह केबल बांस और बल्लियों के सहारे घर तक जाता है।
क्षेत्र के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बिजली की लाइन नहीं होने से बांस पर केबल लाने पड़े हैं। नेता सिर्फ वादा करते हैं। वोट लेकर वापस नहीं लौटते। -फरीदा, आमिर गार्डन
बांस-बल्लियों पर खिंचे 50 से ज्यादा केबल में आए दिन फाल्ट होता रहता है। बारिश में करंट उतर जाता है। कई लोग करंट से झुलसकर घायल हो चुके हैं। -नसीम, आमिर गार्डन