लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा का गणित न बिगाड़ दें अवतार सिंह भड़ाना, ये रही बड़ी वजह
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गुर्जर बिरादरी के कद्दावर नेता अवतार सिंह भड़ाना ने भाजपा का साथ छोड़कर एक बार फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। लोकसभा चुनाव 2014 में कांग्रेस के टिकट पर फरीदाबाद सीट से चुनाव हारने के बाद वह भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन चार साल में ही भाजपा से मोह भंग हो गया। भड़ाना यूपी मंत्रीमंडल में जगह न मिलने के कारण नाराज चल रहे थे। माना जा रहा है कि वह लोकसभा चुनाव फिर से फरीदाबाद सीट से लड़ेंगे। वहीं, पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर वे भाजपा का गुर्जर वोटों का गठित बिगाड़ सकते हैं।
अवतार सिंह भड़ाना की राजनीति का मुख्य केंद्र हरियाणा का फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश की बिजनौर व मेरठ लोकसभा सीट रही है। कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री राजेश पायलट की मृत्यु के बाद यूपी और हरियाणा में भले ही कोई सर्वमान्य गुर्जर नेता न बन पाया हो, लेकिन अवतार को गुर्जर बिरादरी का कद्दावर नेता जरूर माना गया। भड़ाना 1999 में मेरठ-मवाना लोकसभा सीट से सांसद बने थे। इसके बाद वे मेरठ में लगातार सक्रिय रहे और कैंट स्थित माल रोड पर उन्होंने अस्थायी आवास भी बना लिया। हालांकि 2004 के लोकसभा चुनाव में वे वापस फरीदाबाद लौट गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में भड़ाना कांग्रेस के टिकट पर फरीदाबाद से चुनाव लड़े, लेकिन मोदी लहर में हार गए। इसके कुछ दिन बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति में स्थान दिया, तो गुर्जर नेता के रूप में उन्हें स्वीकार करते हुए यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 के लिए सक्रिय कर दिया।
छह माह से थे बागी तेवर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में मीरापुर विधानसभा से उन्हें प्रत्याशी भी बनाया, जहां वह कठिन मुकाबले में बहुत करीबी अंतर से विधायक निर्वाचित हुए। अवतार के कद को देखते हुए माना जा रहा था कि योगी मंत्री मंडल में उन्हें कैबिनेट में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो अवतार को राज्यमंत्री की सूची में रखा गया था, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया। इसी उपेक्षा के चलते छह माह से अवतार सिंह ने बागी तेवर दिखाने शुरू कर दिये थे। सितंबर माह में उन्होंने पलवल में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। अब भाजपा के गिरते ग्राफ और यूपी में हुए महागठबंधन को देखते हुए अवतार ने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया है। भड़ाना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वे फरीदाबाद सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। हालांकि मेरठ के कांग्रेसी उन्हें बिजनौर-मवाना या मेरठ- हापुड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने की मांग करने लगे हैं। अवतार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर बिरादरी के वोटों में सेंधमारी कर सकते हैं। अभी भी उनका बिजनौर और मेरठ सीट के गुर्जर बहुल क्षेत्र में खासा प्रभाव है और उनके समर्थक यहां मौजूद हैं। ऐसे में वह भाजपा के गुर्जर वोटों का गणित गड़बड़ा सकते हैं।
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