ईद के मौके पर हर साल मेरठ के घंटाघर की रौनक देखते ही बनती थी लेकिन इस बार कोरोना के खौफ से यहां सन्नाटा छाया है। कोरोना महामारी के कारण घंटाघर से चहल पहल गायब है, वहीं शहर के सभी बाजार सूने पड़े हुए हैं।
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रौनक गायब: ईद के मौके पर पहली बार सूना है मेरठ का प्रसिद्ध घंटाघर, लोग बोले- देश संकट में तो क्यों पहने नए कपड़े
Sun, 24 May 2020 08:11 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 24 May 2020 08:11 AM IST
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घंटाघर
- फोटो : amar ujala meerut
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बैंक कर्मचारी नईम उर रहमान
- फोटो : amar ujala
शास्त्रीनगर निवासी बैंक कर्मचारी नईम उर रहमान का कहना है कि ऐसी ईद और रमजान पहली बार लोगों को देखने को मिला है। बाजार को भारी नुकसान हुआ है। कपड़ों की सिलाई और रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। जिससे पुराने कपड़ों में ईद मनाकर सन्तोष करना पड़ेगा। लेकिन कोरोना के कारण अहतियात बेहद जरुरी है। सब कुछ ठीक रहेगा तो ईद अगले साल भी मना लेंगे। लेकिन जिंदगी बचाना महत्वपूर्ण है।
शिक्षक अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
रामबाग कालोनी निवासी शिक्षक अतीक अहमद ने बताया इस ईद पर बाजार सूने हैं, रेडीमेड गारमेंट्स और अन्य खरीदारी नहीं हुई है। ईद की खुशी इस बार वैसी नहीं है, जो हर बार रमजान के बाद मिलती थी। क्योंकि रमजान में मस्जिदें और इबादतगाहे भी सूनी थीं। लेकिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लॉकडाउन भी जरूरी था। जिसके लिए लोग नए कपड़ों में नहीं, बल्कि अपनी पुरानी ड्रेस में ही ईद का त्योहार मनाएंगे।
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नमाज पढ़ते नन्हें रोजेदार
- फोटो : amar ujala
इसी तरह तेजगढ़ी निवासी आरिफ का कहना है कि वह इस बार पुराने कपड़ों में ही ईद मनाएंगे। देश कोरोना संकट से जूझ रहा है। ऐसे में इस लड़ाई में हम सभी को एक साथ मिलकर खड़ा होना है। लोग स्वस्थ रहेंगे तो नए कपड़े तो अगले साल ईद पर भी बनवाए जा सकते हैं लेकिन इस संकट की घड़ी में सुरक्षा के मद्देनजर घर में रहना आवश्यक है।
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lockdown meerut, eid ul Fitr,
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नहीं दिखा चांद सोमवार को होगी ईद
सऊदी अरब में शुक्रवार को चांद नहीं दिखा जिसके बाद देश में शनिवार को ईद के चांद के दिखने की उम्मीद कम हो गई थी। शनिवार को भी चांद नहीं दिखा। इसके बाद अब सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा।