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Meerut News: शहर में लगाए जाएंगे एलएनजी और सीबीजी के प्लांट
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मेरठ। गेल गैस की ओर से शहर में एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) और नगर निगम के सहयोग से कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। बृहस्पतिवार को गढ़ रोड स्थित होटल में हुई प्रेस मीट में गेल गैस के मुख्य महा प्रबंधक (सीजीएम) विनय कुमार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। मेरठ में पीएनजी उपभोक्ता 50 हजार से ऊपर हो गए हैं। किफायती और सुरक्षित होने के कारण लगातार पीएनजी उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का सब्सिडाइज्ड गैस सिलिंडर 850 रुपये का है जबकि पीएनजी में यह खर्च करीब 750 रुपये के करीब आता है। उन्होंने बताया कि एलपीजी हवा से भरी होती है। इसलिए लीकेज या रिसाव होने पर यह जमीन पर फैल जाती है। खिड़कियां जमीन से ऊंची होती हैं। इस कारण आग लगने पर कई बार बेहद तेज विस्फोट हो जाता है। दूसरी ओर पीएनजी बहुत हल्की होती है और जरा सी ही जगह मिलने पर निकल जाती है। इसमें आग लगने का खतरा भी न्यूनतम होता है।
उन्होंने कहा कि अगर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न हो तो एक मिनट भी पीएनजी बाधित नहीं हो सकती। मेरठ में ही 1500 से 1600 किलोमीटर तक रिंग के रूप में लाइन बिछाई गई है। अगर इसे सीधा करें तो यह लाइन मुंबई तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि रिंग के साइज में बिछाई गई लाइन के कारण अब किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने पर इसे तुरंत दूसरी लाइन से जोड़कर घंटे भर में ही आपूर्ति फिर से बहाल कराई जा सकती है।
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मुख्य महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि सीबीजी प्लांट के लिए काम चल रहा है। नगर निगम से बात की जा रही है। सीएनजी की सप्लाई के लिए सूरजकुंड स्थित डिपो में स्टेशन बनाने का प्रस्ताव था लेकिन वहां इसकी संभावना बेहद कम है। ऐसे में मासिक भुगतान पर गेल अपने किसी स्टेशन से निगम की गाड़ियों से सीएनजी की सप्लाई करेगा। विनय कुमार ने बताया कि अब कई वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से एलएनजी किट वाले वाहन बनाए जा रहे हैं। इसमें बड़े-बड़े ट्रक, लोडर और कंटेनर शामिल हैं। मुख्य प्रबंधक साइकेट चक्रवर्ती ने जय गैस की आगामी योजनाओं के बारे में बताया।
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उन्होंने बताया कि शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। मेरठ में पीएनजी उपभोक्ता 50 हजार से ऊपर हो गए हैं। किफायती और सुरक्षित होने के कारण लगातार पीएनजी उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का सब्सिडाइज्ड गैस सिलिंडर 850 रुपये का है जबकि पीएनजी में यह खर्च करीब 750 रुपये के करीब आता है। उन्होंने बताया कि एलपीजी हवा से भरी होती है। इसलिए लीकेज या रिसाव होने पर यह जमीन पर फैल जाती है। खिड़कियां जमीन से ऊंची होती हैं। इस कारण आग लगने पर कई बार बेहद तेज विस्फोट हो जाता है। दूसरी ओर पीएनजी बहुत हल्की होती है और जरा सी ही जगह मिलने पर निकल जाती है। इसमें आग लगने का खतरा भी न्यूनतम होता है।
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उन्होंने कहा कि अगर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न हो तो एक मिनट भी पीएनजी बाधित नहीं हो सकती। मेरठ में ही 1500 से 1600 किलोमीटर तक रिंग के रूप में लाइन बिछाई गई है। अगर इसे सीधा करें तो यह लाइन मुंबई तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि रिंग के साइज में बिछाई गई लाइन के कारण अब किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने पर इसे तुरंत दूसरी लाइन से जोड़कर घंटे भर में ही आपूर्ति फिर से बहाल कराई जा सकती है।
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मुख्य महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि सीबीजी प्लांट के लिए काम चल रहा है। नगर निगम से बात की जा रही है। सीएनजी की सप्लाई के लिए सूरजकुंड स्थित डिपो में स्टेशन बनाने का प्रस्ताव था लेकिन वहां इसकी संभावना बेहद कम है। ऐसे में मासिक भुगतान पर गेल अपने किसी स्टेशन से निगम की गाड़ियों से सीएनजी की सप्लाई करेगा। विनय कुमार ने बताया कि अब कई वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से एलएनजी किट वाले वाहन बनाए जा रहे हैं। इसमें बड़े-बड़े ट्रक, लोडर और कंटेनर शामिल हैं। मुख्य प्रबंधक साइकेट चक्रवर्ती ने जय गैस की आगामी योजनाओं के बारे में बताया।