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मेरठ: मकान वैध या अवैध? जानने मेडा पहुंच रहे लोग, एससी के आदेश के बाद कार्रवाई की आशंका से बढ़ी बेचैनी

Sat, 03 Oct 2026 10:10 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 03 Oct 2026 10:10 AM IST
सार

उल्देपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की आशंका से लोग अपने मकानों की वैधता जानने के लिए मेडा कार्यालय पहुंच रहे हैं। जोन-ए के 16,726 भवनों का री-सर्वे चल रहा है।

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Meerut: Residents Approach MDA to Know Whether Their Houses Are Legal or Illegal Amid Fear of Action
उल्देपुर में अवैध कॉलोनियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में उल्देपुर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की आशंका ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। जोन-ए, बी, सी और डी में रहने वाले लोग अपने मकान की स्थिति जानने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण यानी मेडा कार्यालय पहुंच रहे हैं। लोग अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि उनका मकान वैध है या अवैध और कहीं कार्रवाई के दायरे में तो नहीं आएगा।

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मकान पर बुलडोजर चलेगा या लगेगी सील, यही चिंता
लोगों में सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि मेडा की कार्रवाई का दायरा कितना होगा और उनके मकान इसमें आएंगे या नहीं। कई लोग यह जानकारी लेने पहुंच रहे हैं कि उनके मकान पर ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई की आशंका है या नहीं।
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16,726 भवनों का दोबारा सर्वे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेडा ने जोन-ए में 16,726 भवनों का दोबारा सर्वे शुरू कर दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि जल्द ही जोन-बी, सी और डी में भी सर्वे कराया जाएगा। री-सर्वे के बाद भवनों की स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

न्यायिक आयोग के निर्देशन में कार्रवाई की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए मेडा 35 लाख रुपये जमा कर चुका है। अब न्यायिक आयोग के निर्देशन में उल्देपुर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्राधिकरण को नौ दिसंबर को अदालत में कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी है।

कार्रवाई होगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस
उल्देपुर गांव में कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच अभी भी असमंजस बना हुआ है। कुछ लोग लगातार मेडा कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई के संभावित क्षेत्र और समय की जानकारी ले रहे हैं। पिछले दिनों इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों और संघर्ष समिति के बीच भी बातचीत
उल्देपुर के ग्रामीणों और संयुक्त मेरठ बचाओ संघर्ष समिति के बीच भी मामले को लेकर बातचीत चल रही है। लोगों में अपने मकानों को लेकर चिंता बनी हुई है। जिलाधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले का समाधान आंदोलन के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही निकलेगा। अब लोगों की नजर मेडा के री-सर्वे और न्यायिक आयोग के निर्देशन में होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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