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मेरठ शहर के लिए अच्छी खबर, यहां भी बनेगा कूड़े से कंप्रेस्ड बायोगैस बनाने वाला प्लांट

Fri, 11 Sep 2020 02:22 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 11 Sep 2020 02:22 PM IST
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Meerut News: Litter-compressed biogas making plant will also be built in Meerut
मेरठ नगर निगम - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश में 200 टन से ज्यादा कूड़ा उत्सर्जित करने वाले शहरों में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। पूरे देश में बनने वाले 5000 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के पहले चरण में मेरठ का नंबर है। सरकार इन प्लांटों की स्थापना पीपीपी मॉडल के तहत कराएगी। इसके क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने देश की सभी बड़ी ऑयल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल के साथ ही एडीबी और एसबीआई से भी बातचीत की है।

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मेरठ शहर में रोजाना करीब 900 टन शहरी व औद्योगिक कचरा व बायोमास निकलता है। लेकिन लंबे समय से चल रही कवायद के बावजूद कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते शहर में तीन जगह पर कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। कंकरखेड़ा, गंगानगर, पल्लवपुरम आदि का कूड़ा वाहनों द्वारा लोहिया नगर भिजवाया जा रहा है। लंबी दूरी होने के चलते इसमें निगम का काफी धन व्यय हो रहा है। कूड़े का निस्तारण नहीं होने के चलते न तो कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) कंपोस्ट बन रही है और न ही बिजली बन रही है।
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गांवड़ी में लगे कूड़ा पृथक्करण प्लांट से केवल 150 टन कूड़े का निस्तारण करने का दावा किया जा रहा है। जबकि रोजाना 900 टन कूड़ा निकल रहा है। नगर आयुक्त अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि इस पूरी योजना का क्रियान्वयन ऑयल कंपनियों को करना है। नगर निगम के हिस्से में जो भी आएगा उसे पूरा किया जाएगा।
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शोलापुर वाले प्लांट को भी बनानी थी बायोगैस
करीब ढाई साल पहले गांवड़ी के लिए प्रस्तावित शोलापुर महाराष्ट्र की कंपनी आर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट में भी कूड़े से बायोगैस बनाई जानी थी। गैस बिक्री के लिए कंपनी का करार इंडियन आयल कॉरपोरेशन के साथ हो गया था। प्लांट की स्वीकृति के बाद शासन ने एक दूसरी कंपनी को प्लांट लगाने के लिए चुन लिया। इसके बाद शोलापुर की कंपनी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट चली गई थी। मामला अभी कोर्ट में है। इस बीच नगर निगम ने एनजीटी की फटकार और भारी जुर्माने के चलते आनन-फानन में गांवड़ी में 150 टन कूड़े को साफ करने वाला एयर ब्लॉस्टिक सेग्रीगेटर प्लांट लगाया है।

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