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Meerut News: कच्चे मकानों व दिव्यांगों को मदद न मिलने पर जिलाधिकारी को भेजा पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। गांव तिगरी निवासी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय एकता दल के प्रदेश संयोजक रवि भारती ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बेघर ग्रामीणों को पक्के मकान और दिव्यांगों को सहायता रिक्शा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पत्र में बताया कि गांव तिगरी निवासी रेखा, बबली, राहुल, सुनील, कृष्णा, रामबीर, अनूप, जसवीर, मेघनाथ, सुखन, राजकुमारी और शकुंतला सहित कई ग्रामीणों के पास आज तक पक्का मकान नहीं है। पक्के मकान की मांग को लेकर संबंधित कार्यालयों में कई वर्षों से दिए जा रहे प्रार्थना पत्रों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण कच्चे व जर्जर मकानों के गिरने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी या जान-माल की हानि हो सकती है। इसी के साथ रवि भारती ने दूसरे प्रार्थना पत्र के माध्यम से गांव तिगरी निवासी मेघनाथ और राजेंद्री की ओर से दिव्यांग ई-रिक्शा (सहायता रिक्शा) की मांग उठाई।
उन्होंने बताया कि दोनों व्यक्ति दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन शासन द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बेघर ग्रामीणों को पक्के मकान और दिव्यांगों को सहायता रिक्शा उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए तो गांव वाले आंदोलन को बाध्य होंगे।
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मवाना। गांव तिगरी निवासी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय एकता दल के प्रदेश संयोजक रवि भारती ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बेघर ग्रामीणों को पक्के मकान और दिव्यांगों को सहायता रिक्शा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पत्र में बताया कि गांव तिगरी निवासी रेखा, बबली, राहुल, सुनील, कृष्णा, रामबीर, अनूप, जसवीर, मेघनाथ, सुखन, राजकुमारी और शकुंतला सहित कई ग्रामीणों के पास आज तक पक्का मकान नहीं है। पक्के मकान की मांग को लेकर संबंधित कार्यालयों में कई वर्षों से दिए जा रहे प्रार्थना पत्रों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण कच्चे व जर्जर मकानों के गिरने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी या जान-माल की हानि हो सकती है। इसी के साथ रवि भारती ने दूसरे प्रार्थना पत्र के माध्यम से गांव तिगरी निवासी मेघनाथ और राजेंद्री की ओर से दिव्यांग ई-रिक्शा (सहायता रिक्शा) की मांग उठाई।
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उन्होंने बताया कि दोनों व्यक्ति दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन शासन द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बेघर ग्रामीणों को पक्के मकान और दिव्यांगों को सहायता रिक्शा उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए तो गांव वाले आंदोलन को बाध्य होंगे।
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