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लेखपाल की रिपोर्ट तय करेगी कहां से आया गेहूं

Sun, 26 Jul 2020 01:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 01:15 AM IST
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Lekhpal's report will decide where wheat came from
लेखपाल की रिपोर्ट तय करेगी कहां से आया गेहूं
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मेरठ। सदर बाजार में शुक्रवार को पकड़े गए 55 क्विंटल गेहूं की जांच कई स्तरों पर शुरू हो गई है। किनौनी निवासी राजदीप द्वारा दिए गए किसान के गेहूं के साक्ष्य के आधार पर लेखपाल फसलाना रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा करेगा। जिसके आधार पर यह निश्चित हो पाएगा कि यह गेहूं किसान राजदीप का था या फिर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से आया सरकारी गेहूं था।
शुक्रवार को सदर थाना पुलिस ने सदर बाजार स्थित एक दुकान के सामने सड़क पर खड़े ट्रैक्टर ट्रॉली में लदा लगभग 55 क्विंटल गेहूं पकड़ा था। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने थाने पर पहुंचकर गेहूं की जांच पड़ताल शुरू की थी। उस समय राजदीप पुत्र ब्रह्म सिंह निवासी किनौनी ने स्वयं को बड़ा किसान बताते हुए ट्रैक्टर ट्रॉली में भरा समस्त गेहूं अपना बताया था। हालांकि, पुलिस व आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को उसके गांव से रिपोर्ट मिली थी कि राजदीप के पास न तो इतनी जमीन है और ना ही यह गेहूं उसका है। जिसके बाद से आपूर्ति विभाग ने दूसरे स्तर पर जांच शुरू की है।
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लेखपाल देगा राजदीप की जमीन की रिपोर्ट
किनौनी निवासी राजदीप ने जांच के दौरान अपने पिता ब्रह्म सिंह, चाचा अमरदीप और मौसी महेंद्री की जमीन के अभिलेख सौंपे थे। जिसके आधार पर उसने यह समस्त गेहूं अपना बताया था। इसकी जांच के लिए आपूर्ति विभाग ने लेखपाल से राजदीप द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुरूप भूमि और फसलों की जांच रिपोर्ट मांगी है। जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि अगर राजदीप के पास तहसील रिकॉर्ड के मुताबिक उतनी गेहूं की बुवाई नहीं पाई गई तो माना जाएगा कि यह गेहूं सरकारी एजेंसियों से लाया गया है।
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टेंपो में पकड़े गए गेहूं व चावल पर भी नहीं लिया निर्णय
शुक्रवार देर शाम सदर पुलिस ने क्षेत्र से एक टेंपो को 12 क्विंटल गेहूं व चावल के साथ पकड़ा था। यह गेहूं व चावल दौराला से केसरगंज आ रहा था। आपूर्ति विभाग ने इसे सदर पुलिस के हवाले कर दिया था और जांच के बाद एफआईआर की बात कही थी। आपूर्ति विभाग के अधिकारी शनिवार शाम तक इस गेहूं व चावल की भी जांच पूरी नहीं कर पाए हैं। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण जांच नहीं हो पाई है। सोमवार को सभी अभिलेखों की जांच के उपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
राशन की दुकानों से इकट्ठा किया गया है गेहूं
किनौनी ग्राम प्रधान ब्रह्मवती के बेटे अमित ने यह दावा किया है कि पकड़ा गया गेहूं किसान का नहीं, बल्कि आसपास के गांव में संचालित राशन की दुकानों का है। अमित का कहना है कि गांव निवासी राजदीप के परिवार के पास 30 बीघा जमीन है। जिसमें अधिकतर में गन्ना बोया जाता है। राजदीप सहित दो अन्य लोग राशन की दुकानों से गेहूं इकट्ठा करके बाजार में बेचते हैं। जिस गेहूं को राजदीप ने पुलिस के सामने अपने खेत से उगाया हुआ बताया है, वह बिल्कुल झूठ है।

क्षेत्र के राशन डीलरों में हड़कंप
किनौनी क्षेत्र के गांव के राशन डीलरों में भी हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि अभी तक पकड़े गए राशन को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से लिया गया बताया जा रहा है। अब सवाल है कि क्या आपूर्ति विभाग सभी राशन एजेंसियों पर राशन के स्टॉक की जांच कराएगा या फिर राशन डीलरों को बचाने का काम करेगा।
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