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सपा-बसपा के दौर में खाईं लाठियां, अपनी सरकार में भी खा लूंगा
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अब्दुल्लापुर में सेवादार की मौत के बाद शव को सड्क पर रखकर जाम लगाते लोग।
मेरठ। मंदिर के सेवादार कांति प्रसाद की हत्या के मामले में करीब तीन घंटे तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। पुलिस लाठीचार्ज की चेतावनी देती रही। इस दौरान एक दरोगा ने लाठी मारकर एक युवक का सिर फोड़ दिया तो भीड़ में आक्रोश फैल गया। एसपी देहात ने किसी तरह मामला संभाला तो कैंट विधायक वहां पहुंच गए और एसओ भावनपुर को तुरंत हटाने की मांग को लेकर सड़क पर ही बैठ गए। विधायक ने एसपी देहात से कहा कि सपा-बसपा के दौर में लाठियां खाईं हैं, अब अपनी सरकार में भी खा लूंगा। एसओ के लाइन हाजिर होने के बाद ही जाम हटाया गया।
अब्दुल्लापुर में बुधवार सुबह 7:30 बजे से ही हंगामा शुरू हो गया था। पहले विहिप के प्रांत संगठन मंत्री नागेंद्र समर्थ, महानगर संगठन मंत्री गौरव प्रताप, बजरंग दल के संयोजक बलराज डूंगर और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। तब तक पोस्टमार्टम के बाद सेवादार का शव भी पहुंच गया था। हिस्ट्रीशीटर नदीम मेवाती, निजाम कुरैशी आदि आरोपियों की गिरफ्तारी, एसओ भावनपुर संजय सिंह को हटाने और पीड़ित परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता की मांग करते हुए भीड़ ने सेवादार का शव अब्दुल्लापुर चौराहे के पास जाम लगा दिया। शव हटवाने को लेकर हिंदू संगठनों के नेताओं और पुलिस में नोकझोंक चलती रही। एसपी देहात ने कई बार शव उठवाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी।
इस बीच कैंट विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल भी करीब 10:30 बजे वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि पुलिस दो बार लाठीचार्ज का प्रयास कर चुकी है। जिस पर विधायक भड़क गए। कहा कि इंसाफ के लिए अपनी सरकार में भी लाठी खाएंगे। एसपी देहात ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन विधायक धरने पर बैठ गए। आक्रोश बढ़ता देख एसपी देहात विधायक के पास जमीन पर ही बैठ गए और विधायक की बात एसएसपी से कराई। जिस पर एसएसपी ने एसओ को लाइन हाजिर कर दिया। जिसके बाद धरना खत्म हुआ। विधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। वहीं, पुलिस ने भी इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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पानी की सेवा पर बिफरा दरोगा
मेरठ। गांव रैसना मेडिकल निवासी दिनेश कुमार पुत्र सतपाल पानी के कैंपर सप्लाई करता है। धरनास्थल पर वह कैंपर लेकर पहुंचा तो भावनपुर थाने के दरोगा ने उसे रोक दिया। दिनेश ने जाम लगाने वाले लोगों की सेवा में पानी पहुंचाने की बात कही तो आरोप है कि दरोगा ने गुस्से में आकर उसके सिर में डंडा मार दिया। जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। यह देख हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू किया तो दरोगा वहां से खिसक गया। एसपी देहात ने दरोगा को लाइन हाजिर करने का आश्वासन देते हुए युवक को उपचार के लिए भिजवाया।
बदहवास लेटी रही सेवादार की पत्नी
एसओ को तुरंत हटाने और आर्थिक मदद की मांग को लेकर सेवादार की पत्नी भी पति के शव के पास करीब तीन घंटे तक बदहवास हालत में पड़ी रहीं। वहीं, पीड़ित परिवार को सांत्वना देने भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी व संजीव बंसल आदि पहुंचे और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
पुलिस अधिकारियों ने नहीं बिगड़ने दिए हालात
मेरठ। सेवादार कांति प्रसाद की मौत होने की सूचना के बाद ही अब्दुल्लापुर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। बुधवार सुबह से ही अब्दुल्लापुर चौराहे के पास हिंदू संगठनों ने धरना और जाम शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक भीड़ और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, हंगामा और बखेड़ा हुआ। मौके की नजाकत को भांपते हुए एसपी देहात अविनाश पांडे ने कई थानों की पुलिस और पीएसी बुला ली थी। मौके पर एसडीएम, सीओ सदर देहात ब्रिजेश सिंह और अन्य अधिकारी भी पहुंच गए थे। हिंदू संगठनों की लगातार नारेबाजी से माहौल में तल्खी आई। दूसरे समुदाय के लोगों में भी बेचैनी रही। अधिकांश लोग इस दौरान घरों से नहीं निकले। एसपी देहात और अन्य अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाकर हालात को बिगड़ने नहीं दिया।
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अब्दुल्लापुर में बुधवार सुबह 7:30 बजे से ही हंगामा शुरू हो गया था। पहले विहिप के प्रांत संगठन मंत्री नागेंद्र समर्थ, महानगर संगठन मंत्री गौरव प्रताप, बजरंग दल के संयोजक बलराज डूंगर और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। तब तक पोस्टमार्टम के बाद सेवादार का शव भी पहुंच गया था। हिस्ट्रीशीटर नदीम मेवाती, निजाम कुरैशी आदि आरोपियों की गिरफ्तारी, एसओ भावनपुर संजय सिंह को हटाने और पीड़ित परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता की मांग करते हुए भीड़ ने सेवादार का शव अब्दुल्लापुर चौराहे के पास जाम लगा दिया। शव हटवाने को लेकर हिंदू संगठनों के नेताओं और पुलिस में नोकझोंक चलती रही। एसपी देहात ने कई बार शव उठवाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी।
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इस बीच कैंट विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल भी करीब 10:30 बजे वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि पुलिस दो बार लाठीचार्ज का प्रयास कर चुकी है। जिस पर विधायक भड़क गए। कहा कि इंसाफ के लिए अपनी सरकार में भी लाठी खाएंगे। एसपी देहात ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन विधायक धरने पर बैठ गए। आक्रोश बढ़ता देख एसपी देहात विधायक के पास जमीन पर ही बैठ गए और विधायक की बात एसएसपी से कराई। जिस पर एसएसपी ने एसओ को लाइन हाजिर कर दिया। जिसके बाद धरना खत्म हुआ। विधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। वहीं, पुलिस ने भी इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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पानी की सेवा पर बिफरा दरोगा
मेरठ। गांव रैसना मेडिकल निवासी दिनेश कुमार पुत्र सतपाल पानी के कैंपर सप्लाई करता है। धरनास्थल पर वह कैंपर लेकर पहुंचा तो भावनपुर थाने के दरोगा ने उसे रोक दिया। दिनेश ने जाम लगाने वाले लोगों की सेवा में पानी पहुंचाने की बात कही तो आरोप है कि दरोगा ने गुस्से में आकर उसके सिर में डंडा मार दिया। जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। यह देख हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू किया तो दरोगा वहां से खिसक गया। एसपी देहात ने दरोगा को लाइन हाजिर करने का आश्वासन देते हुए युवक को उपचार के लिए भिजवाया।
बदहवास लेटी रही सेवादार की पत्नी
एसओ को तुरंत हटाने और आर्थिक मदद की मांग को लेकर सेवादार की पत्नी भी पति के शव के पास करीब तीन घंटे तक बदहवास हालत में पड़ी रहीं। वहीं, पीड़ित परिवार को सांत्वना देने भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी व संजीव बंसल आदि पहुंचे और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
पुलिस अधिकारियों ने नहीं बिगड़ने दिए हालात
मेरठ। सेवादार कांति प्रसाद की मौत होने की सूचना के बाद ही अब्दुल्लापुर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। बुधवार सुबह से ही अब्दुल्लापुर चौराहे के पास हिंदू संगठनों ने धरना और जाम शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक भीड़ और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, हंगामा और बखेड़ा हुआ। मौके की नजाकत को भांपते हुए एसपी देहात अविनाश पांडे ने कई थानों की पुलिस और पीएसी बुला ली थी। मौके पर एसडीएम, सीओ सदर देहात ब्रिजेश सिंह और अन्य अधिकारी भी पहुंच गए थे। हिंदू संगठनों की लगातार नारेबाजी से माहौल में तल्खी आई। दूसरे समुदाय के लोगों में भी बेचैनी रही। अधिकांश लोग इस दौरान घरों से नहीं निकले। एसपी देहात और अन्य अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाकर हालात को बिगड़ने नहीं दिया।