अब हम तो भये परदेसी, के तेरा यहां कोई नहीं.., लता जी से जुड़ी यादें मेरठ के फिल्म फोटोजर्नलिस्ट ज्ञान दीक्षित की जुबानी
मेरठ में कला जगत से जुड़े लोगों ने लता मंगेशकर को श्रद्धाजंलि दी। उत्तर प्रदेश फिल्म फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान दीक्षित ने शोक व्यक्त करते हुए लता मंगेशकर से जुड़ी यादें अमर उजाला के साथ साझा कीं।
विस्तार
बॉलीवुड इंडस्ट्री में काम कर रहे मेरठ के गीतकार, फोटोग्राफर, आर्टिस्ट हर कोई कभी न कभी लता जी के संपर्क में आकर लता मंगेशकर से प्रभावित जरूर हुआ। लता जी के निधन पर मेरठ में संगीत प्रेमियों और लता जी के चाहने वालों ने शोक व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश फिल्म फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान दीक्षित ने बताया कि सर्वप्रथम वह 1982 में पहली बार लता जी से मुंबई स्थित महबूब स्टूडियो में मिले थे। ज्ञान दीक्षित ने बताया की लता जी के साथ तब लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और किशोर कुमार भी मौजूद थे।
यह भी पढ़ें : Lata Mangeshkar Passed Away: 'स्वर साम्राज्ञी' के लिए मेरठ के गौरव ने सजा लिया संग्रहालय, हर कोना बयां करता है अलग कहानी
उन्होंने बताया की फोटो खींचने के बाद लता जी ने उन्हें अपने थरमस से चाय भी पिलाई। ज्ञान दीक्षित बताते हैं कि 1985 में प्रेम रोग के गीतों की रिकॉर्डिंग के दौरान एक गीत " हम तो भये परदेसी के तेरा यहां कोई नहीं " की रिकॉर्डिंग शाम 5 बजे तक हुई। इस बीच दीक्षित ने लता जी की कई तस्वीरें खींचीं।
वह बताते हैं कि लता जी कोई भी गीत बहुत ही अलग और आकर्षक अंदाज में सुनाती थीं। क्लासिकल गजल उन्हें सर्वाधिक पसंद थीं। इतनी बड़ी गायिका होने के बाद भी लता जी में कोई घमंड नहीं था। वह छोटे बड़े सभी का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार करती थीं। चेहरे पर सदा मुस्कुराहट रहती थी।
लता मंगेशकर को दी श्रद्धांजलि
मेरठ में कला जगत से जुड़े लोगों ने लता मंगेशकर को श्रद्धाजंलि दी। दर्पण कला केन्द्र नाट्य संस्थान के निदेशक विनोद कुमार बेचैन ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसको कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि उनके योगदान को देश कभी भी भुला नहीं पायेगा। रंगकर्मियों द्वारा उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।