कांग्रेस नेता इमरान मसूद बोले- किसानों के प्रति तानाशाही रवैया अपना रही सरकार
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के सदस्य इमरान मसूद ने सहारनपुर के बेहट में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के प्रति तानाशाही रवैया दिखा रही है लेकिन जनता के सामने कोई तानाशाह नहीं टिक सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 8 फरवरी को सहारनपुर के गांधी मैदान में प्रस्तावित किसान चौपाल में पहुंचने का आह्वान किया।
मसूद बुधवार को कस्बे में कांग्रेसी नेता संजीव कर्णवाल उर्फ बॉबी के फार्म हाउस पर कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही कृषि कानून का विरोध व किसानों का समर्थन कर रही है।
राहुल गांधी के आह्वान पर कार्यकर्ता का कर्त्तव्य बनता है, कि वह किसान आंदोलन को गति देने का काम करें। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को गांधी मैदान में प्रस्तावित किसान चौपाल में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी शिरकत करेंगे।
क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी ने कहा कि कांग्रेस किसानों के मान सम्मान की लड़ाई लड़ रही है। इस दौरान राजस्थान से कांग्रेसी नेता जुबेर अहमद, रोहित चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष शशि वालिया, नगराध्यक्ष अबरार मिर्जा, चौधरी हाशिम आदि शामिल रहे।
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किसानों ने किया कूच
गुरुवार को आमकी दीपचंदपुर व नन्हेडा बुड्ढा खेड़ा से बड़ी संख्या में किसान धरनारत किसानों हेतु खाद्य सामग्री के साथ गाजीपुर बॉर्डर को रवाना हुए। इसके अलावा नन्हेडा बुड्ढाखेड़ा से काला प्रधान के नेतृत्व में किसान कारों के द्वारा गाजीपुर बॉर्डर को रवाना हुए। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
चक्का जाम को सफल बनाने की तैयारी में जुटी भाकियू
छह फरवरी को प्रस्तावित चक्का जाम को सफल बनाने के लिए भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने ताकत झोंक दी है। कार्यकर्ता गांव-गांव में बैठकें कर किसानों को चक्का जाम में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं।
नए कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानूनी प्रावधान करने सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में सहारनपुर जनपद में भी छह फरवरी को चक्का जाम करने की रणनीति है। जनपद में आठ स्थानों पर चक्का जाम किया जाना है। इसके लिए भाकियू ने अपने पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। चक्का जाम के बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन इन सभी जगहों पर अधिकारियों को दिया जाएगा।
भाकियू नेताओं से वार्ता कर रहे अधिकारी
किसान आंदोलन के तहत एक तरफ भाकियू ने चक्का जाम को सफल बनाने की रणनीति बनाई है तो प्रशासन की तरफ से किसान नेताओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। भाकियू के पदाधिकारियों से भी अधिकारी संपर्क साध रहे हैं, उन्हें समझाया जा रहा कि चक्का जाम ना करें। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह का कहना है कि भाकियू के पदाधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है, उन्हें समझाने की कोशिश चल रही हैं।