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कपसाड़ की बेटी काव्या बनीं मिस सुप्रेमेसी इंडिया
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सरधना। गांव कपसाड़ की बेटी काव्या भाटी ने राष्ट्रीय स्तर पर मिस सुप्रेमेसी इंडिया 2025 फर्स्ट प
सरधना। क्षेत्र के गांव कपसाड़ की बेटी काव्या भाटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराते हुए मिस सुप्रेमेसी इंडिया 2025 फर्स्ट प्रिंसेस का खिताब अपने नाम किया है। यह प्रतियोगिता 31 अगस्त को हयात रीजेंसी, चंडीगढ़ में आयोजित सुप्रेमेसी पैजेंट्स के ग्रैंड फिनाले में संपन्न हुई।
प्रतियोगिता का आयोजन सुप्रेमेसी टैलेंट्स के बैनर तले संस्थापक अशीमा शर्मा द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में देशभर के 35 प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता का मंच पर प्रदर्शन किया। इस वर्ष की थीम जागरूकता, संस्कृति, पर्यटन रही। समारोह में बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर डॉ. विनोद गंधर्व उपस्थित रहे। काव्या की मां छवि भाटी ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक ताज नहीं, एक जिम्मेदारी है। इस मंच का उपयोग युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करने के लिए करेगी। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि काव्या भाटी आत्मविश्वास, विशिष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभरी हैं।
उन्होंने खुद को एक सच्चा रोल मॉडल साबित किया है। काव्या की इस उपलब्धि पर गांव कपसाड़ और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। परिजनों और शिक्षकों ने इसे मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की जीत बताया है।
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प्रतियोगिता का आयोजन सुप्रेमेसी टैलेंट्स के बैनर तले संस्थापक अशीमा शर्मा द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में देशभर के 35 प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता का मंच पर प्रदर्शन किया। इस वर्ष की थीम जागरूकता, संस्कृति, पर्यटन रही। समारोह में बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर डॉ. विनोद गंधर्व उपस्थित रहे। काव्या की मां छवि भाटी ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक ताज नहीं, एक जिम्मेदारी है। इस मंच का उपयोग युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करने के लिए करेगी। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि काव्या भाटी आत्मविश्वास, विशिष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभरी हैं।
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उन्होंने खुद को एक सच्चा रोल मॉडल साबित किया है। काव्या की इस उपलब्धि पर गांव कपसाड़ और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। परिजनों और शिक्षकों ने इसे मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की जीत बताया है।
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