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जंक फूड की अधिकता से हो सकता है कैंसर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:48 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एमआईईटी के बायो टेक्नोलॉजी विभाग में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन इंडियन एकेडमी ऑफ बायो मेडिकल साइंस के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल सेंटर नीदरलैंड के प्रोफेसर हरि एस शर्मा और एम्स दिल्ली के डॉ. श्याम प्रकाश रहे। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में नए मेडिकल रिसर्च के बारे में जानकारी दी।
एम्स के डॉ. श्याम प्रकाश ने बताया कि जेनेटिक इंजीनियरिंग से जीनोम में हस्तक्षेप करके उसे परिवर्तित कर शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है। इससे कैंसर भी खत्म हो सकता है। उन्होंने बताया कैंसर होने वाले हिस्से में जीन डिस ऑर्डर होते हैं। उन जीन को एक आर्डर में बदल कर हम कैंसर को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं को आजकल जंक फूड जैसे बर्गर, चाऊमीन, मोमोज आदि पसंद है लेकिन इन्हें खाने से पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है और जिससे पेट का कैंसर भी हो सकता है। अधिक गैस्ट्रिक समस्या होने से आगे चलकर कैंसर बनने का खतरा हो जाता है। इसलिए जल्दी पाचन होने वाले फूड खाने चाहिए।
प्रोफेसर हरि एस शर्मा ने बताया कि भारत को अगर रोगों से बचाना है और एक बेहतर इलाज चाहिए तो बायो टेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। इस दौरान 26 मेरिट लिस्ट छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सेमिनार में संस्थान के उपाध्यक्ष पुनीत अग्रवाल, डायरेक्टर डॉ मयंक गर्ग, एचओडी डॉ. अजय शर्मा, डॉ नितिन गर्ग, डॉ. संदीप सिरोही, डॉ पंकज त्यागी, डॉ अनीता रावत और प्रेस प्रवक्ता अजय चौधरी मौजूद रहे।
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एम्स के डॉ. श्याम प्रकाश ने बताया कि जेनेटिक इंजीनियरिंग से जीनोम में हस्तक्षेप करके उसे परिवर्तित कर शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है। इससे कैंसर भी खत्म हो सकता है। उन्होंने बताया कैंसर होने वाले हिस्से में जीन डिस ऑर्डर होते हैं। उन जीन को एक आर्डर में बदल कर हम कैंसर को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं को आजकल जंक फूड जैसे बर्गर, चाऊमीन, मोमोज आदि पसंद है लेकिन इन्हें खाने से पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है और जिससे पेट का कैंसर भी हो सकता है। अधिक गैस्ट्रिक समस्या होने से आगे चलकर कैंसर बनने का खतरा हो जाता है। इसलिए जल्दी पाचन होने वाले फूड खाने चाहिए।
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प्रोफेसर हरि एस शर्मा ने बताया कि भारत को अगर रोगों से बचाना है और एक बेहतर इलाज चाहिए तो बायो टेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। इस दौरान 26 मेरिट लिस्ट छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सेमिनार में संस्थान के उपाध्यक्ष पुनीत अग्रवाल, डायरेक्टर डॉ मयंक गर्ग, एचओडी डॉ. अजय शर्मा, डॉ नितिन गर्ग, डॉ. संदीप सिरोही, डॉ पंकज त्यागी, डॉ अनीता रावत और प्रेस प्रवक्ता अजय चौधरी मौजूद रहे।
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