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Meerut News: मरम्मत के नाम पर तोड़ डाली जैन धर्मशाला
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मेरठ। रेलवे रोड चौराहे के पास स्थित जैन धर्मशाला का स्वरूप जल्द बदल जाएगा। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) से धर्मशाला की मरम्मत की अनुमति ली गई, लेकिन इसे पूरी तरह तोड़ा जा रहा है। आधी से अधिक तोड़ भी दी गई है। यहां ऊंची इमारत बनाने की तैयारी है।
धर्मशाला में समाज का मंदिर और धर्मशाला दोनों हैं। धर्मशाला में ही वीर इंडस्ट्रीज के मालिक अनिल जैन के पूर्वजों की यह जमीन थी, जिस पर धर्मशाला चलती थी। करीब 80 साल पहले पूर्वजों ने जैन बिरादरी को यह सौंप दी थी। अब श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर के तहत इसका संचालन होता है और श्री प्रबंधकारिणी कमेटी दिगंबर जैन बिरादरी इसकी मातृ संस्था है। मंत्री प्रमोद जैन की ओर से धर्मशाला के कई भाग पूर्ण रूप से जर्जर बताकर इसके गिरने से जान माल के नुकसान की आशंका व्यक्त करते हुए मेडा में नक्शा स्वीकृत कराने को अर्जी लगाई गई।
मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने तीन शर्ताें के साथ अनुमति जारी कर दी। इसके तहत पहली ही शर्त है कि पूर्व निर्मित निर्माण का स्वरूप मूलरूप में यथावत रखा जाएगा। दूसरा मूल निर्माण का सुदृढ़ीकरण अथवा जीर्णोद्धार विशेषज्ञ की देखरेख में सुरक्षा उपायों का अनुपालन करने और तीसरा संरचनात्मक सुरक्षा का पूर्ण दायित्व भी मंदिर समिति का ही होना तय किया गया।
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बहुमंजिला इमारत तानने की तैयारी
पूरे शहर में जैन धर्मशाला चर्चा का विषय बनी हुई है। जैन समाज के नेता, बिल्डर से साज करके तीन से पांच मंजिला इमारत बनाने की तैयारी में हैं। दिन-रात श्रमिक काम में जुटे हैं। दीपावली के अंतर्गत पंच महोत्सव की छुट्टियों की आड़ में इसे पूरी तरह जमींदोज कर निर्माण शुरू हो जाएगा।
किराएदार हुए हलकान
जैन धर्मशाला में कई सालों से किराए पर छोले भटूरे, चाय, फोटोस्टेट, बीज भंडार, गैस वाले, फोटो स्टूडियो, इलेक्ट्रॉनिक आदि संचालित हो रही हैं। एकाएक जैन धर्मशाला निर्माण कार्य से दुकानदार हलकान हैं। अंकित जैन, शरद अरोड़ा, निखिल स्वामी, ताराचंद, ओमकार स्वरूप, अनिल कुमार गोयल, नरेश चंद, साहिल, संदीप शर्मा आदि ने मामले में मुख्यमंत्री, कमिश्नर, डीएम, मेडा उपाध्यक्ष व सचिव आदि से शिकायत की है।
इनका कहना है ....
जैन धर्मशाला सौ साल से भी ज्यादा पुरानी है। ऐसे में इसमें मरम्मत की दरकार है। इसके लिए मेडा से मरम्मत की ही अनुमति लेकर काम किया जा रहा है।
- सुरेश जैन ऋतुराज, अध्यक्ष श्री प्रबंधकारिणी कमेटी दिगंबर जैन बिरादरी
जैन धर्मशाला को मरम्मत के लिए मूल स्वरूप न बदलने की शर्त के साथ अनुमति दी गई है। मानक विरुद्ध निर्माण हो रहा है तो टीम भेजकर मौका-मुआयना कराया जाएगा। -
विजय कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक मेडा
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धर्मशाला में समाज का मंदिर और धर्मशाला दोनों हैं। धर्मशाला में ही वीर इंडस्ट्रीज के मालिक अनिल जैन के पूर्वजों की यह जमीन थी, जिस पर धर्मशाला चलती थी। करीब 80 साल पहले पूर्वजों ने जैन बिरादरी को यह सौंप दी थी। अब श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर के तहत इसका संचालन होता है और श्री प्रबंधकारिणी कमेटी दिगंबर जैन बिरादरी इसकी मातृ संस्था है। मंत्री प्रमोद जैन की ओर से धर्मशाला के कई भाग पूर्ण रूप से जर्जर बताकर इसके गिरने से जान माल के नुकसान की आशंका व्यक्त करते हुए मेडा में नक्शा स्वीकृत कराने को अर्जी लगाई गई।
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मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने तीन शर्ताें के साथ अनुमति जारी कर दी। इसके तहत पहली ही शर्त है कि पूर्व निर्मित निर्माण का स्वरूप मूलरूप में यथावत रखा जाएगा। दूसरा मूल निर्माण का सुदृढ़ीकरण अथवा जीर्णोद्धार विशेषज्ञ की देखरेख में सुरक्षा उपायों का अनुपालन करने और तीसरा संरचनात्मक सुरक्षा का पूर्ण दायित्व भी मंदिर समिति का ही होना तय किया गया।
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बहुमंजिला इमारत तानने की तैयारी
पूरे शहर में जैन धर्मशाला चर्चा का विषय बनी हुई है। जैन समाज के नेता, बिल्डर से साज करके तीन से पांच मंजिला इमारत बनाने की तैयारी में हैं। दिन-रात श्रमिक काम में जुटे हैं। दीपावली के अंतर्गत पंच महोत्सव की छुट्टियों की आड़ में इसे पूरी तरह जमींदोज कर निर्माण शुरू हो जाएगा।
किराएदार हुए हलकान
जैन धर्मशाला में कई सालों से किराए पर छोले भटूरे, चाय, फोटोस्टेट, बीज भंडार, गैस वाले, फोटो स्टूडियो, इलेक्ट्रॉनिक आदि संचालित हो रही हैं। एकाएक जैन धर्मशाला निर्माण कार्य से दुकानदार हलकान हैं। अंकित जैन, शरद अरोड़ा, निखिल स्वामी, ताराचंद, ओमकार स्वरूप, अनिल कुमार गोयल, नरेश चंद, साहिल, संदीप शर्मा आदि ने मामले में मुख्यमंत्री, कमिश्नर, डीएम, मेडा उपाध्यक्ष व सचिव आदि से शिकायत की है।
इनका कहना है ....
जैन धर्मशाला सौ साल से भी ज्यादा पुरानी है। ऐसे में इसमें मरम्मत की दरकार है। इसके लिए मेडा से मरम्मत की ही अनुमति लेकर काम किया जा रहा है।
- सुरेश जैन ऋतुराज, अध्यक्ष श्री प्रबंधकारिणी कमेटी दिगंबर जैन बिरादरी
जैन धर्मशाला को मरम्मत के लिए मूल स्वरूप न बदलने की शर्त के साथ अनुमति दी गई है। मानक विरुद्ध निर्माण हो रहा है तो टीम भेजकर मौका-मुआयना कराया जाएगा। -
विजय कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक मेडा