{"_id":"686590e752ab411fd805b7d2","slug":"it-is-very-important-for-the-police-to-be-equipped-with-forensic-and-scientific-approach-dr-rajendra-meerut-news-c-14-1-mrt1051-905936-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को फॉरेंसिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस होना बहुत जरूरी: डॉ.राजेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को फॉरेंसिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस होना बहुत जरूरी: डॉ.राजेंद्र
विज्ञापन
मेरठ। पुलिस लाइन में 68वीं अंतरजनपदीय वैज्ञानिक अनुसंधान एवं पुलिस फोटोग्राफी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। तीन दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिता में 39 प्रतिभागियों ने भाग लिया है। मुख्य अतिथि डॉ राजेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस को फॉरेंसिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस होना जरूरी है।
बुधवार को प्रतियोगिता का शुभारंभ एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने किया। प्रतियोगिता में मेरठ जोन के मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बागपत, शामली, हापुड़ व मुजफ्फरनगर से आए 39 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ अपनी तकनीकी दक्षता एवं वैज्ञानिक कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का समापन चार जुलाई को होगा। एसपी क्राइम ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रतिभागी ने विधि विज्ञान विषयक लिखित परीक्षा, घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण, हुलिया वर्णन, साक्ष्य की लेबलिंग- पैकेजिंग एवं फॉरवर्डिंग तथा क्राइम रूल्स एंड प्रोसीजर पर आधारित लिखित परीक्षा में शामिल होंगे।
विधि विज्ञान प्रयोगशाली निवाड़ी, गाजियाबाद के उप निदेशक डॉ राजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिस कर्मियों की वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक क्षमताओं को विकसित करना, जांच कार्य को तकनीकी दृष्टिकोण से सुदृढ़ बनाना तथा अपराध स्थल पर साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक बनाना है। ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करती हैं। निर्णायक मंडल में डाॅ. राजेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. विपिन अशोक, नरेश सिंह, रामवीर सिंह शामिल है।
विज्ञापन
-- --
विज्ञापन
बुधवार को प्रतियोगिता का शुभारंभ एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने किया। प्रतियोगिता में मेरठ जोन के मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बागपत, शामली, हापुड़ व मुजफ्फरनगर से आए 39 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ अपनी तकनीकी दक्षता एवं वैज्ञानिक कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का समापन चार जुलाई को होगा। एसपी क्राइम ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रतिभागी ने विधि विज्ञान विषयक लिखित परीक्षा, घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण, हुलिया वर्णन, साक्ष्य की लेबलिंग- पैकेजिंग एवं फॉरवर्डिंग तथा क्राइम रूल्स एंड प्रोसीजर पर आधारित लिखित परीक्षा में शामिल होंगे।
विज्ञापन
विधि विज्ञान प्रयोगशाली निवाड़ी, गाजियाबाद के उप निदेशक डॉ राजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिस कर्मियों की वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक क्षमताओं को विकसित करना, जांच कार्य को तकनीकी दृष्टिकोण से सुदृढ़ बनाना तथा अपराध स्थल पर साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक बनाना है। ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करती हैं। निर्णायक मंडल में डाॅ. राजेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. विपिन अशोक, नरेश सिंह, रामवीर सिंह शामिल है।
विज्ञापन