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अवैध असलहा बनाने वालों के आतंकी कनेक्शन की जांच शुरू
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मेरठ। अवैध असलहा बनाने और सप्लाई करने वालों के आतंकी कनेक्शन की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सप्लायरों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। मुख्य आरोपी राशिद उर्फ सद्दीक की तलाश में पुलिस टीम लगी है। अंदेशा है कि राशिद बड़ा सप्लायर है, जिसके तार अपराधियों से जुड़े हैं। पकड़े गए आरोपी कारीगर हैं।
पुलिस के मुताबिक 30 दिसंबर 2018 को आतंकी इनपुट के बाद एनआईए व एटीएस ने वेस्ट यूपी के कई जिलों में छापामारी की थी। जनवरी 2019 में मेरठ, अमरोहा, हापुड़ से दस संदिग्ध लोगों को पकड़ा था। तीन संदिग्ध लोग किठौर से धरे गए थे। तीनों आईएसआईएस से जुड़े लोगों को अवैध असलहे सप्लाई करते थे। इसका खुलासा सुरक्षा एजेंसियों ने किया था। शनिवार को अवैध असलहे बनाने की फैक्टरी का खुलासा करते समय एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि आरोपियों का कनेक्शन आतंकियों से जुड़ा है या नहीं, इसका खुलासा जांच पड़ताल के बाद होगा।
ऐसे जुड़े आरोपी कारीगर
अवैध हथियार की फैक्टरी शाहजहांपुर किठौर में मसीउल्ला खान के मकान में थी। मसीउल्ला खान गाड़ी चालक है। मसीउल्ला की दोस्ती इमरान से थी। इमरान के भाई की फैमुद्दीन से रिश्तेदारी है। फैमुद्दीन राइफल बनाने में माहिर है। इन सभी कारीगरों को राशिद ने जोड़ा था।
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एक हजार की मिलती मजदूरी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनको एक दिन की मजदूरी एक हजार रुपये मिलती थी। तीन दिन की ट्रेनिंग मिलने पर वे अवैध असलहे बनाने लगे। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक काम करते थे। अब तक 20-25 अवैध असलहे बना चुके है। जिनको राशिद फैक्टरी से लेकर गया था।
मेरठ में तैयार हथियार, सप्लाई वेस्ट में
प्रेसवार्ता में आरोपियों ने बताया है कि हथियार बनाने के लिए मेरठ का किठौर सेफ अड्डा है। अवैध हथियार बनाकर मेरठ के अलावा हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, गजरौला, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत सहित दूसरे जिलों में अवैध हथियार सप्लाई हो रहे है।
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पुलिस के मुताबिक 30 दिसंबर 2018 को आतंकी इनपुट के बाद एनआईए व एटीएस ने वेस्ट यूपी के कई जिलों में छापामारी की थी। जनवरी 2019 में मेरठ, अमरोहा, हापुड़ से दस संदिग्ध लोगों को पकड़ा था। तीन संदिग्ध लोग किठौर से धरे गए थे। तीनों आईएसआईएस से जुड़े लोगों को अवैध असलहे सप्लाई करते थे। इसका खुलासा सुरक्षा एजेंसियों ने किया था। शनिवार को अवैध असलहे बनाने की फैक्टरी का खुलासा करते समय एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि आरोपियों का कनेक्शन आतंकियों से जुड़ा है या नहीं, इसका खुलासा जांच पड़ताल के बाद होगा।
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ऐसे जुड़े आरोपी कारीगर
अवैध हथियार की फैक्टरी शाहजहांपुर किठौर में मसीउल्ला खान के मकान में थी। मसीउल्ला खान गाड़ी चालक है। मसीउल्ला की दोस्ती इमरान से थी। इमरान के भाई की फैमुद्दीन से रिश्तेदारी है। फैमुद्दीन राइफल बनाने में माहिर है। इन सभी कारीगरों को राशिद ने जोड़ा था।
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एक हजार की मिलती मजदूरी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनको एक दिन की मजदूरी एक हजार रुपये मिलती थी। तीन दिन की ट्रेनिंग मिलने पर वे अवैध असलहे बनाने लगे। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक काम करते थे। अब तक 20-25 अवैध असलहे बना चुके है। जिनको राशिद फैक्टरी से लेकर गया था।
मेरठ में तैयार हथियार, सप्लाई वेस्ट में
प्रेसवार्ता में आरोपियों ने बताया है कि हथियार बनाने के लिए मेरठ का किठौर सेफ अड्डा है। अवैध हथियार बनाकर मेरठ के अलावा हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, गजरौला, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत सहित दूसरे जिलों में अवैध हथियार सप्लाई हो रहे है।