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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस आज : गजब का हौसला, जान जोखिम में डालकर निभा रहीं जिम्मेदारी 

Wed, 12 May 2021 12:27 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 12 May 2021 12:27 AM IST
सार

कोरोना से लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहीं नर्स, जान पर खेलकर मरीजों का इलाज करने में मदद कर रही हैं।

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International Nurses Day 2021: nurses are playing their responsibility taking risk with Great courage during covid 19 pandemic
nurses Day - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना महामारी के इस दौर में चिकित्सीय स्टाफ ने अपना सब कुछ झोंका हुआ है। इनमें नर्स बेहद अहम भूमिका निभा रही हैं। जान पर खेलकर मरीजों का इलाज करने में मदद कर रही हैं। अपने घरों से दूर, परिवार से दूर रहकर भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर रही हैं। आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस है। इस दिन इनकी सेवा को याद करना बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना नर्सिंग स्टाफ के इस लड़ाई को लड़ना कतई मुमकिन नहीं है। ये चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। इनकी सहायता और सेवा के लिए ‘धन्यवाद’ शब्द भी छोटा लग रहा है। 
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परिवार से दूर रहना पड़ता है 
नर्स शिल्पी वर्मा का कहना है कि ड्यूटी के दौरान परिवार से दूर रहना पड़ता है। क्या करें, बीमारी और जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। एहतियात के साथ फर्ज भी जरूरी है। 
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ढाई साल की बच्ची से दूर 
नर्स सुनीता यादव की ढाई साल की बेटी है। उसे इन्होंने अपनी माता के पास छोड़ा हुआ है। ड्यूटी के कारण ऐसा करना पड़ता है। उनका कहना है कि बेटी से मिले कई-कई दिन बीत जाते हैं। 
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गंभीर मरीजों के इलाज में कर रहीं मदद
नर्स नीता रानी इमरजेंसी में कोविड और नॉन कोविड मरीजों का इलाज कर रही हैं। उनका कहना है कि परिवार से तो दूर हैं ही। मरीज का यह भी पता नहीं चलता की वह पॉजिटिव है या निगेटिव। बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है।

गर्म पानी पीना और गुनगुने पानी से स्नान 
नर्स ज्योति सिंह का कहना है कि कोरोना ड्यूटी करने के बाद रोजाना गर्म पानी से स्नान करना। गर्म पानी पीना। यह एहतियात बरतते हैं। परिवार से दूर रहना पड़ता है। मुश्किल वक्त है। सभी का सहयोग जरूरी है। 

1965 में हुई थी शुरुआत
नर्सिंग के संस्थापक फ्लोरेंस नाइटइंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था। उन्हीं की याद में इस दिन को मनाते हैं। सबसे पहले इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1965 में की गई थी। तब से लेकर आज तक यह दिवस इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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