{"_id":"68ff729aab06db7b330155ab","slug":"instructions-for-making-better-arrangements-at-cow-shelters-meerut-news-c-44-1-smrt1055-110185-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गो आश्रय स्थलों पर बेहतर इंतजाम करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गो आश्रय स्थलों पर बेहतर इंतजाम करने के निर्देश
Mon, 27 Oct 2025 08:32 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 27 Oct 2025 08:32 PM IST
विज्ञापन
गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए प्रयास तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सर्दी का मौसम दस्तक देने से पहले ही प्रशासन ने निराश्रित गोवंश को ठंड से बचाने की तैयारी तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सरधना नगर पालिका, नगर पंचायत करनावल, हर्रा, खिवाई, लावड़, सरूरपुर और दौराला समेत सरधना ब्लॉक के गो आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि आश्रय स्थलों के शेडों को त्रिपाल, जूट बोरे और पराली से ढका जाए ताकि ठंडी हवाओं से गोवंश को बचाया जा सके। पराली, लकड़ी का बुरादा, गन्ने की खोई और बगास को बिछावन के रूप में उपयोग किया जाएगा और इनकी नियमित सफाई की जाएगी। इसके अलावा भूसा, हरा चारा, दाना, गुड़ और स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी व्यवस्था की जाएगी। रात्रि के समय किसी भी गोवंश को खुले में नहीं छोड़ा जाएगा। जबकि दिन में उन्हें धूप में रखा जाएगा ताकि वे गर्म रह सकें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने सभी नगर निकायों और ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोशालाओं में साफ-सफाई, जल निकासी और ठंड से बचाव के सभी उपाय समय रहते पूरे किए जाएं, ताकि सर्दी के मौसम में किसी भी गोवंश को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सर्दी का मौसम दस्तक देने से पहले ही प्रशासन ने निराश्रित गोवंश को ठंड से बचाने की तैयारी तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सरधना नगर पालिका, नगर पंचायत करनावल, हर्रा, खिवाई, लावड़, सरूरपुर और दौराला समेत सरधना ब्लॉक के गो आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि आश्रय स्थलों के शेडों को त्रिपाल, जूट बोरे और पराली से ढका जाए ताकि ठंडी हवाओं से गोवंश को बचाया जा सके। पराली, लकड़ी का बुरादा, गन्ने की खोई और बगास को बिछावन के रूप में उपयोग किया जाएगा और इनकी नियमित सफाई की जाएगी। इसके अलावा भूसा, हरा चारा, दाना, गुड़ और स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी व्यवस्था की जाएगी। रात्रि के समय किसी भी गोवंश को खुले में नहीं छोड़ा जाएगा। जबकि दिन में उन्हें धूप में रखा जाएगा ताकि वे गर्म रह सकें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने सभी नगर निकायों और ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोशालाओं में साफ-सफाई, जल निकासी और ठंड से बचाव के सभी उपाय समय रहते पूरे किए जाएं, ताकि सर्दी के मौसम में किसी भी गोवंश को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन