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Meerut News: पब्लिकेशन हाउस के मालिक के घर दबिश देने वाला दरोगा निलंबित, एएसपी करेंगे जांच
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हापुड़/मेरठ। चार दिन पूर्व मेरठ में पब्लिकेशन हाउस के मालिक दबिश देने वाले दरोगा कमल सिंह को एसपी हापुड़ ने निलंबित कर दिया। दरोगा को इस आधार पर निलंबित किया गया है कि वह दबिश के दौरान वादी और अन्य लोगों को भी साथ लेकर गया था। साथ ही सरकारी गाड़ी की बजाय प्राइवेट गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि टीम में शामिल बाकी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। दरोगा को निलंबित करने के साथ मामले में जांच भी शुरू करा दी गई है।
बृहस्पतिवार रात धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय द्वारा गैरजमानती व जमानती वारंट जारी होने पर हापुड़ पुलिस टीम ने मेरठ के थाना टीपीनगर क्षेत्र की गुप्ता कॉलोनी में दबिश दी थी। पुलिस ने मौके से जमानती वारंटी चेतन प्रकाश गर्ग को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पुलिस की गाड़ी का पीछा करते वक्त स्कूटी सवार व्यापारी की पत्नी चित्रा और भतीजे मोहित गर्ग की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। फजीहत होती देख पुलिस व्यापारी चेतन प्रकाश को वापस टीपी नगर छोड़ आई। इस मामले में हापुड़ पुलिस पर तभी से गंभीर आरोप लग रहे थे। कयास लगाए जा रहे थे हापुड़ एसपी मामले में पूरी टीम के खिलाफ कार्रवाई करते, लेकिन सोमवार को रेलवे रोड चौकी प्रभारी और मेरठ में टीम को लीड करने वाले उपनिरीक्षक कमल सिंह को निलंबित कर दिया गया।
सीसीटीवी में कैद हो गई थी घटना
मेरठ में दबिश के दौरान वादी डॉ. संजीव अग्रवाल भी मौजूद थे। उनके साथ दस अन्य लोग भी मौजूद थे। इन लोगों ने पीड़ित व उसके परिवार के सदस्यों के साथ हाथापाई भी की थी। व्यापारी व अन्य लोग सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हो गए थे। फुटेज में पुलिस व्यापारी को धकियाते हुए बाहर ले जा रहे थे। इस दौरान पुलिस कर्मियों से अधिक निजी लोग मौजूद थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला चर्चा में था।
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वर्जन
दबिश के दौरान भाजपा नेता व अन्य लोगों को साथ ले जाने पर दरोगा कमल सिंह को निलंबित कर दिया है। एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी हापुड़
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बोला कैंटर चालक, स्कार्पियो की साइड लगने से गिरे थे स्कूटी सवार
खरखौदा। पब्लिकेशन हाउस के मालिक मोहित गर्ग और उनकी चाची चित्रा गर्ग को जिस कैंटर ने कुचला था, उसके चालक हाथरस के नंगला कुवरजी निवासी बंटी को खरखौदा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि चालक से पूछताछ की गई थी। उसने बताया कि वह अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में बयान देगा। उधर, जिस समय आरोपी को मेडिकल के लिए लेकर जा रहे थे तब उससे मीडिया से बातचीत की। उसने बताया कि वह मेरठ से अलीगढ़ में नर्सरी के लिए पौधे लेकर जा रहा था। लोहियानगर के पास सड़क खराब थी। उसके सामने स्कार्पियो चल रही थी, जिसने आगे चल रहे स्कूटी सवारों को साइड मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर गए। उसके कैंटर की स्पीड तेज थी, जिसे वह कंट्रोल नहीं कर सका और वह कैंटर के नीचे आ गए।
हापुड़ पुलिस की ये तीन लापरवाही
मेरठ। अभी तक की जांच में हापुड़ पुलिस की कई बिंदुओं पर लापरवाही सामने आई है। जब पुलिस को दबिश देनी थी तो सरकारी गाड़ी में क्यों नहीं आए। वहीं वादी के साथ इतने लोग कौन-कौन थे और बाहरी लोगों को साथ क्यों लिया गया। इसके अलावा चेतन प्रकाश गर्ग को टीपीनगर थाने से ही जमानत दी जा सकती थी। फिर भी दबाव बनाने के लिए पुलिस अपने साथ हापुड़ लेकर क्यों जा रही थी। उधर, परिजनों की तरफ से छेड़छाड़ के मामले में जो शिकायत टीपी नगर थाने में दी गई है, उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि प्राथमिक तौर पर ही जांच में छेड़छाड़ का मामला स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि अभी जांच जारी है।
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बृहस्पतिवार रात धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय द्वारा गैरजमानती व जमानती वारंट जारी होने पर हापुड़ पुलिस टीम ने मेरठ के थाना टीपीनगर क्षेत्र की गुप्ता कॉलोनी में दबिश दी थी। पुलिस ने मौके से जमानती वारंटी चेतन प्रकाश गर्ग को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पुलिस की गाड़ी का पीछा करते वक्त स्कूटी सवार व्यापारी की पत्नी चित्रा और भतीजे मोहित गर्ग की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। फजीहत होती देख पुलिस व्यापारी चेतन प्रकाश को वापस टीपी नगर छोड़ आई। इस मामले में हापुड़ पुलिस पर तभी से गंभीर आरोप लग रहे थे। कयास लगाए जा रहे थे हापुड़ एसपी मामले में पूरी टीम के खिलाफ कार्रवाई करते, लेकिन सोमवार को रेलवे रोड चौकी प्रभारी और मेरठ में टीम को लीड करने वाले उपनिरीक्षक कमल सिंह को निलंबित कर दिया गया।
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सीसीटीवी में कैद हो गई थी घटना
मेरठ में दबिश के दौरान वादी डॉ. संजीव अग्रवाल भी मौजूद थे। उनके साथ दस अन्य लोग भी मौजूद थे। इन लोगों ने पीड़ित व उसके परिवार के सदस्यों के साथ हाथापाई भी की थी। व्यापारी व अन्य लोग सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हो गए थे। फुटेज में पुलिस व्यापारी को धकियाते हुए बाहर ले जा रहे थे। इस दौरान पुलिस कर्मियों से अधिक निजी लोग मौजूद थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला चर्चा में था।
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दबिश के दौरान भाजपा नेता व अन्य लोगों को साथ ले जाने पर दरोगा कमल सिंह को निलंबित कर दिया है। एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी हापुड़
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बोला कैंटर चालक, स्कार्पियो की साइड लगने से गिरे थे स्कूटी सवार
खरखौदा। पब्लिकेशन हाउस के मालिक मोहित गर्ग और उनकी चाची चित्रा गर्ग को जिस कैंटर ने कुचला था, उसके चालक हाथरस के नंगला कुवरजी निवासी बंटी को खरखौदा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि चालक से पूछताछ की गई थी। उसने बताया कि वह अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में बयान देगा। उधर, जिस समय आरोपी को मेडिकल के लिए लेकर जा रहे थे तब उससे मीडिया से बातचीत की। उसने बताया कि वह मेरठ से अलीगढ़ में नर्सरी के लिए पौधे लेकर जा रहा था। लोहियानगर के पास सड़क खराब थी। उसके सामने स्कार्पियो चल रही थी, जिसने आगे चल रहे स्कूटी सवारों को साइड मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर गए। उसके कैंटर की स्पीड तेज थी, जिसे वह कंट्रोल नहीं कर सका और वह कैंटर के नीचे आ गए।
हापुड़ पुलिस की ये तीन लापरवाही
मेरठ। अभी तक की जांच में हापुड़ पुलिस की कई बिंदुओं पर लापरवाही सामने आई है। जब पुलिस को दबिश देनी थी तो सरकारी गाड़ी में क्यों नहीं आए। वहीं वादी के साथ इतने लोग कौन-कौन थे और बाहरी लोगों को साथ क्यों लिया गया। इसके अलावा चेतन प्रकाश गर्ग को टीपीनगर थाने से ही जमानत दी जा सकती थी। फिर भी दबाव बनाने के लिए पुलिस अपने साथ हापुड़ लेकर क्यों जा रही थी। उधर, परिजनों की तरफ से छेड़छाड़ के मामले में जो शिकायत टीपी नगर थाने में दी गई है, उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि प्राथमिक तौर पर ही जांच में छेड़छाड़ का मामला स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि अभी जांच जारी है।