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आईएमए के चिकित्सकों का आज से अनशन
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आईएमए के चिकित्सकों का आज से अनशन
मेरठ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सक बुधवार से ‘मिक्सोपैथी’ के विरोध में अनशन करेंगे। तीन दिन तक चलने वाले अनशन में सुबह 9 बजे से चिकित्सक 6-6 घंटे के लिए आईएमए भवन में बैठेंगे।
जिले में आईएमए में करीब 1150 चिकित्सक पंजीकृत हैं, जो इस विरोध में शामिल होंगे। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने बताया कि इस दौरान मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। चिकित्सक अपनी ओपीडी भी करेंगे और अस्पताल भी जाएंगे। सभी ओपीडी, अस्पताल और इमरजेंसी सेवाएं भी खुली रहेंगी।
उन्होंने कहा कि हमारी एसोसिएशन मिक्सोपैथी के खिलाफ है। मिक्सोपैथी के कारण देश में चिकित्सकों की गुणवत्ता काफी कम हो जाएगी। चिकित्सक केंद्र सरकार से हर हाल में इस नीति को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अनशन पर कुछ सदस्य बैठेंगे। फिर उसके बाद उनका स्थान अन्य चिकित्सक ले लेंगे। इस प्रकार यह क्रम तीन दिन 12 फरवरी तक चलेगा।
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आईएमए सचिव डॉ. मनीषा त्यागी ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा की शुद्धता को बनाए रखने और समाज को मिक्सोपैथी से होने वाले दुष्परिणामों से बचाने के लिए आईएमए ने यह आंदोलन शुरू किया है।
यह है मिक्सोपैथी
केंद्र सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ एलोपैथिक चिकित्सक लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इसे मिक्सोपैथी नाम दिया है। दो पैथियों को एक जगह मिला देने के कारण ऐसा कहा जा रहा है।
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मेरठ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सक बुधवार से ‘मिक्सोपैथी’ के विरोध में अनशन करेंगे। तीन दिन तक चलने वाले अनशन में सुबह 9 बजे से चिकित्सक 6-6 घंटे के लिए आईएमए भवन में बैठेंगे।
जिले में आईएमए में करीब 1150 चिकित्सक पंजीकृत हैं, जो इस विरोध में शामिल होंगे। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने बताया कि इस दौरान मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। चिकित्सक अपनी ओपीडी भी करेंगे और अस्पताल भी जाएंगे। सभी ओपीडी, अस्पताल और इमरजेंसी सेवाएं भी खुली रहेंगी।
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उन्होंने कहा कि हमारी एसोसिएशन मिक्सोपैथी के खिलाफ है। मिक्सोपैथी के कारण देश में चिकित्सकों की गुणवत्ता काफी कम हो जाएगी। चिकित्सक केंद्र सरकार से हर हाल में इस नीति को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अनशन पर कुछ सदस्य बैठेंगे। फिर उसके बाद उनका स्थान अन्य चिकित्सक ले लेंगे। इस प्रकार यह क्रम तीन दिन 12 फरवरी तक चलेगा।
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आईएमए सचिव डॉ. मनीषा त्यागी ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा की शुद्धता को बनाए रखने और समाज को मिक्सोपैथी से होने वाले दुष्परिणामों से बचाने के लिए आईएमए ने यह आंदोलन शुरू किया है।
यह है मिक्सोपैथी
केंद्र सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ एलोपैथिक चिकित्सक लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इसे मिक्सोपैथी नाम दिया है। दो पैथियों को एक जगह मिला देने के कारण ऐसा कहा जा रहा है।