पंचायत चुनाव से पहले ही पश्चिम उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की आपूर्ति की जानी लगी है। एसटीएफ व नौचंदी पुलिस ने गुरुवार देर रात शास्त्रीनगर में बिजलीघर के समीप स्कूटी सवार दो हथियार तस्कर को अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा।
एसटीएफ का खुलासा, पंचायत चुनाव से पहले मेरठ से यूपी के कई जिलों में ऑन डिमांड सप्लाई हो रहे अवैध हथियार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी रईस मुल्ला पुत्र इब्राहीम निवासी किदवई नगर एवं शमशाद पुत्र इस्तियान निवासी सराय बहलीम हैं। एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि शास्त्रीनगर से दूसरे जिलों में अवैध हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं।
एसटीएफ के साथ इंस्पेक्टर नौचंदी संजय वर्मा भी पहुंचे। पुलिस ने तेजगढ़ी की तरफ से आ रहे स्कूटी सवार दो हथियार तस्कर को रोकने का प्रयास किया तो वे भागने लगे। इस पर स्कूटी गिर गई और एसटीएफ एवं पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। उनसे दो पिस्टल बरामद हुईं।
आरोपी रईस मुल्ला व शमशाद ने बताया कि डी ब्लॉक के समीप झुग्गी-झोपड़ी की आड़ में तमंचा फैक्टरी चलाई जा रही है। वहां टीम को देख अन्य आरोपी फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने वहां से तमंचे, पिस्टल व रिवाल्वर बरामद किए।
उक्त दोनों आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। उनके खिलाफ अलग अलग थानों 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कई जिलों में पहुंचाते हैं पिस्टल एवं रिवाल्वर
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि मौके से तीन पिस्टल, दो रिवाल्वर, 17 तमंचे व बड़ी संख्या में अधबने तमंचे बरामद किए हैं।
यह गिरोह मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर व सहारनपुर में अवैध हथियार सप्लाई करता है। उन्होंने बताया कि तमंचे दो से तीन हजार, पिस्टल व रिवाल्वर 25 से 30 हजार रुपये में बेची जा रही हैं। इस गिरोह में पांच अन्य युवक भी हैं।
यह गिरोह चोरी के 100 से अधिक वाहन भी अलग-अलग स्थानों पर बेच चुका है। रईस मुल्ला 2009 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा 60 पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं, शमशाद 2017 से वांछित था।
पुलिस ने तीन साल पहले मवाना में तमंचा फैक्टरी पकड़ी थी। अन्य लोगों को जेल भेज दिया था। उधर, शमशाद फरार चल रहा था।